दर्शकों के मध्य लोकप्रिय हुआ ‘जौतुका पेड़ी

भोपाल, 27 मार्च। इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय द्वारा मार्च, 2018 के माह के प्रादर्श के रूप में ”जौतुका पेड़ी: एक दहेज पेटी को प्रदर्शित किया गया हैं। ओडिशा के लोक समुदायों द्वारा विवाह संस्कार में दी जाने वाली एक प्रकार की दहेज पेटी है जिसकी संरचना मंदिर के समान है।
ओडिशा की रूढिग़त परंपराओं के अनुसार जौतुका पेड़ी विवाह के समय वधु के पिता द्वारा वर के परिवार को दिया जाने वाला विशेष उपहार है। इस संदूक में कपड़े, घरेलू बर्तन, गहने तथा दुल्हन द्वारा दैनिक इस्तेमाल की वस्तुएं जैसे सिंदूर, चूड़ी, आलता तथा अन्य आवश्यक वस्तुऐं रखी जाती हैं। पुराने समय में प्राय: और कहीं-कहीं आज भी लकड़ी की बनी इस विशिष्ट रुप से अलंकृत संदूक या पेटी में रखी गयी चीजे दुल्हन के ससुराल में प्रवेश पर यथा सम्भव उसकी प्रतिष्ठा का प्रतीक या वैभव का प्रदर्शन होता था। यह तय करना तो कठिन है कि यह पेड़ी वास्तव में दहेज के लिये ही बनाई या फिऱ किसी अन्य उद्देश्य से। अस्तु समारोह, उर्वरता और रक्त के प्रतीक लाल रंग से चित्रित सौभाग्य चिन्हों से सुसज्जित यह एक अत्यंत अलंकृत विवाह प्रतीक है जो रूढि़वादी दहेज-प्रथा को समाप्त करने की दिशा में प्रयास है।