तीन माह से नहीं हुआ वेतन का भुगतान

बैतूल,4 अप्रैल। अपनी विभिन्न मांगो को लेकर पिछले 27 दिनों से कलेक्ट्रेट के सामने धरने पर बैठी आशा, ऊषा, सहयोगी कार्यकर्ता संगठन ने मंगलवार 3 माह से वेतन का भुगतान नहीं किए जाने से आक्रोशित होकर रैली निकालकर कलेक्टर शशांक मिश्र को ज्ञापन सौंपा।
जिलाध्यक्ष किरण कालभोर ने बताया कि ब्लाक प्रभातपट्टन, आमला के अंतर्गत माह दिसंबर, जनवरी, फरवरी का आशा एवं आशा सहयोगी का वेतन भुगतान प्राप्त नहीं हुआ है। वहीं 2014 से लेकर 2017 तक के भत्ता एवं रूटिन इनटेनसिव भी प्राप्त नहीं हुआ है। वहीं आठनेर के अंतर्गत माह जनवरी, फरवरी का आशा एवं सहयोगी को भुगतान नही हुआ। इसके अलावा ब्लाक मुलताई के अंतर्गत नेशनल आयरन इनटेंसिव कार्यकर्ताओं को प्रदान नहीं किया गया। शाहपुर, भीमपुर चिचोली में कार्यकर्ताओं को जो एक हजार इनटेंसीव प्राप्त होना था वह टुकड़ो में प्रदान किए जा रहे है। यही स्थिति सेहरा एवं घोड़ाडोंगरी में भी है यहां वर्ष 2017 जनवरी, फरवरी के वेतन का आज तक भुगतान नहीं हुआ है। श्रीमती कालभोर ने बताया कि ब्लाक प्रभातपट्टन के अंतर्गत आशा कार्यकर्ता, निर्मला उपासे को विगत 5 माह से निष्क्रिय मानकर 5 माह से मानदेय नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पूर्व में भी इस बात से अवगत कराया गय था लेकिन आज तक इस समस्या का कोई निराकरण नहीं किया गया। आशा कार्यकर्ताओं ने ज्ञापन में बताया कि पूर्व में 4 सूत्रीय मांगो को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को भी ज्ञापन दिया जा चुका है। परंतु आज तक हमारी मांगो का निराकरण नहीं हुआ है।
ज्ञापन सौंपने वालों में मालती हरसूले, मीना साबले, संगीता बिसोने, ममता बामने, पूनम धुर्वे, फूलवंती उईके, प्रतिभा नागले, निशा खान, गीता पवार, सुशीला घोड़की, सरस्वती वर्मा, वंदना धाड़से, बबीता सलाम, यास्मीन खान, रेखा माकोड़े, शकुन चौरे, विनिता मंडल, राजदुलारी, उर्मिला मालवी, पुष्पा भिकोंडे, आशा वर्मा, शबाना शेख, सुनीता सूर्यवंशी, रिता बिसन्द्रे आदि शामिल थीं।