मुकुंदपुर टाइगर सफारी को एक करोड़ से अधिक की आय

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भोपाल, 9 अप्रैल। वन विभाग के मंत्री और आला अधिकारियों को केंद्रीय चिडिय़ा घर प्राधिकरण से इंदौर, सागर, रायसेन, जबलपुर में चिडिय़ा घर खोलने की अनुमति लाने में पसीना छूट रहा है। लेकिन रीवा के तत्कालीन सीसीएफ ने अपने बलबूते केंद्रीय चिडिय़ा घर प्राधिकरण से तकनीकी स्वीकृति लाकर वाइल्ड लाइफ की दुनिया में मप्र का गौरवान्वित किया है। मुकुंदपुर टाइगर सफारी 24 करोड़ की लागत से निर्मित हुई है। यहां से प्रति साल विभाग को 1 करोड़ से अधिक की आय हो रही है।
जानकारी के अनुसार 250 एकड़ क्षेत्र में फैला मुकुंदपुर चिडिय़ाघर प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण है, यह रीवा से 15 और सतना से 55 किमी दूरी पर स्थित है। मुकुंदपुर टाइगर सफारी में विदेशी और देशी पर्यटक अपनी पहली पसंद के साथ अद्वितीय अनुभव कर रहे हंै। यहां ओपन एयर एनक्लोजर सफारी में वन्य जीवों के लिए करीब 40 खुले बाड़े प्रस्तावित किए गए थे, इनमें से 16 पूरे हो चुके हैं। इन बाड़ों में सफेद बाघ, तेंदुआ व भालू विचरण करते हैं। वहीं वाटर बॉडी व वेट लैण्ड्स सफारी एंड जू में मगर, ऊदबिलाव व अन्य जलचर प्राणियों के लिए 6 वाटर बॉडी और छोटे तालाब में मगर मौजूद व वाटर बर्ड के लिए वेट लैंड्स तैयार हैं। सफेद बाघों के विचरण से पर्यटक रोमांचित हो जाते हैं। चिडिय़ाघर व सफारी में ह्वाइट टाइगर की दहाड़ और ऐलो टाइगर, बब्बर शेर, शेरनी, तेंदुआ, भालू, जंगली सुअर, क्रोकोडायल, स्पॉटेड हिरन, ब्लैक की उछल कूदकर पर्यटकों को लुभा रहे हैं।
अधिकारी तैयार नहीं कर पा रहे मास्टर प्लान: इंदौर, सागर, रायसेन, जबलपुर में चिडिय़ा घर खोलने के लिए विभाग के अधिकारी मास्टर प्लान इन्क्लोजर डिजाइन और मास्टर प्लान तैयार नहीं कर पा रहे हैं। अधूरी फाइल की वजह व लायसेंस भी नहीं मिलने से इन चार जिलों में स्थापित होने वाला चिडिय़ाघर खटाई में पड़ता नजर आ रहा है। सूत्र बताते हंै कि आपसी खींचतान और एक-दूसरे को डैमेज करने की कूटनीति से इन जिलों का गौरव घटता जा रहा है। वन मंत्री गौरीशंकर शेजवार रायसेन के खरबई में चिडिय़ाघर खुलवाने में नाकाम होते नजर आ रहे हैं। जानकार बताते हैं कि रीवा के तत्कालीन सीसीएफ को चिडिय़ाघरों की अनुमति लाने की जवाबदारी सौंपी जाती है तो वे केंद्रीय चिडिय़ाघर प्राधिकरण से स्वीकृति लाकर मप्र के उन जिलों में चार चांद लगवा सकते हंै।
इनका कहना है
विन्ध्य मुकुंदपुर सफारी ने वाइल्ड लाइफ की दुनिया में मप्र को गौरवान्वित किया है, यहां से प्रतिदिन 70 से 80 हजार की आय हो रही है। मुकुंदपुर देशी और विदेशी पर्यटकों की पहली पसंद बनता जा रहा है।
एम कालीदुरई, सीसीएफ रीवा