सरगुजा के महाराजा ने स्वीपरों के साथ खाना खाया और कहा-मुख्यमंत्री से ऐसी अपेक्षा नहीं थी

राजनीति जो कुछ करा ले वो कम, नेता प्रतिपक्ष टीएस सिंहदेव घोषणा पत्र के बहाने

विशेष रिपोर्ट
विजय कुमार दास

छत्तीसगढ़ में विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष सरगुजा के महाराजा टीएस सिंहदेव ने आज सामंतवादी होने के आरोपों को तार-तार कर दिया और एक आम आदमी की भाषा में आम आदमी की तरह लोगों के सामने पेश आए। न राहुल गांधी जिंदाबाद, न सोनिया गांधी जिंदाबाद। न मंच न माइक, सीधे आम आदमी के बीच में जाकर बैठना, उनसे मिलना और उनसे पूछना, कांग्रेस की चुनावी घोषणा पत्र में क्या-क्या मुद्दे होने चाहिए, जिससे राजनांदगांव की जनता को लाभ मिले।
पिछले दो दिनों से लगातार टीएस सिंहदेव ने यहां पर ठीक वैसा ही किया, जैसा कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी चुनाव के समय करते रहते हैं। राहुल गांधी भी आम जनता से पूछते हैं, उन्हें क्या चाहिए। स्वीपरों के साथ बैठकर जमीन में खाना खाते और अहसास कराते हैं कि कांग्रेस की राजनीति देश के आम आदमी के लिए है। इसी का अनुसरण करते हुए टीएस सिंहदेव ने भी राजनांदगांव में लगभग 70 संस्थाओं से सीधे जाकर मुलाकात की। चाहे वह व्यापारियों का प्रतिनिधिमडंल हो या किसानों या फिर मजदूरों का या फिर समाज की कुछ गरीब तबके लोगों का क्यों न हो, जो आज अंतिम छोर पर खड़ा है। उससे भी जाकर मिले। उनके साथ बैठकर खाना भी खाया। राजनीति जो कुछ करा ले, वो कम लेकिन विधानसभा के प्रतपिक्ष सरगुजा के महाराजा टीएस सिंहदेव ने आज सामंतवादी सीमाओं को तोड़कर समाज के सबसे निचले वर्ग के स्वीपरों के साथ भी खाना खाया। राष्ट्रीय हिन्दी मेल के इस प्रतिनिधि ने टीएस सिंहदेव से उनकी इस राजनीति के बारे में बात की और पूछा कि आपका दो दिनों से राजनांदगांव प्रवास का उद्देश्य क्या है? तो उन्होंने कहा कि वे जानने आए हैं कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह के क्षेत्र में आखिर आज तक हुआ क्या है। टीएस सिंहदेव ने कहा राजनांदगांव विधानसभा क्षेत्र के लोगों को विकास के नाम पर उन अधिकारियों ने ठगा है जिन पर मुख्यमंत्री बहुत भरोसा करते हैं तो उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ जनता की गाढ़ी कमाई का बजट के नाम पर राजनांदगांव में भारी दुरुपयोग किया गया है। फ्लाईओवर का ही उदाहरण ले लें। पहले बना तो शहर दो भागों में बंट गया। जिसकी जरुरत नहीं थी। अब उसे बंद किया गया अब उसे फिर चालू किया गया फिर और बंद कर दिया गया। यहां के अधिकारियों में बुद्धिमत्ता नाम की कोई चीज नहीं है। टीएस सिंहदेव ने कहा फिर भी राजनांदगांव में यह पता लगाने में कामयाब रहे कि मुख्यमंत्री का जैसा जिला होना चाहिए और जैसी उनकी विधानसभा क्षेत्र होनी चाहिए, वैसा यहां कुछ भी नहीं है। उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेज के नाम पर विकास के दावे झूठे हैं। जो कि आज वे जब अस्पताल गए तो चरमराई हुई व्यवस्था के अलावा कुछ भी नहीं मिला। टीएस सिंहदेव ने बताया हॉकी स्टेडियम की हालात ऐसी है, जैसी कि अस्पताल में मृत्यु शैय्या में पड़े मरीज की होती है। पूरी तरह स्टेडियम बर्बाद हो गया, लेकिन किसी भी अधिकारी को कोई चिंता नहीं है। सिंहदेव का कहना है कि वे कई गांव के भीतर गए और पाया कि स्वच्छता अभियान के नाम पर शौचालय तो बन गए हैं, लेकिन अधिकतर शौचालय का निर्माणकर्ता को उनका भुगतान ही नहीं मिला है। सिंहदेव ने आश्चर्य व्यक्त किया कि मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र में पीने के पानी की गंभीर समस्या है। महिलाएं चार बजे उठकर पानी के इंतजाम के लिए निकलती हैं फिर भी पूरा नहीं होता।
सिंहदेव ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह से ऐसी अपेक्षा नहीं थी। राजनांदगांव के मतदाताओं नेउन्हें सिर माथे पर बिठाया था। उनके अधिकारियों ने जो कुछ किया है, विकास के नाम पर छलावा के अलावा कुछ भी नहीं है। जब उनसे यह पूछा गया कि आपके इस प्रकार के दौरे के कांग्रेस को क्या फायदा होगा? तो विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष ने यह स्वीकार किया कि डॉ. रमन सिंह का व्यक्तिगत व्यवहार काफी प्रभावशाली है। लेकिन आने वाले समय में उनकी अधिकारियों के द्वारा विकास के नाम पर जो लापरवाही की गई, उसका लाभ कांग्रेस को अवश्य मिलेगा।