मयूर वन का आंवला प्लांटेशन खतरे में

परासिया,7 अप्रैल। वन विभाग के परासिया रेंज के मयूर वन के आंवले के प्लांटेशन पर संकट के बादल है। जिस गति से यहां आंवले के पेड काटे जा रहे है उससे पूरा प्लांटेशन खतरे में आ गया है। हरे भरे पेडों पर रोज कुल्हाडी चल रही है। महिलाएं यहां पेड काट रही है। कार्रवाई नहीं होने से हौसले बुलंद है और रोजाना पेड काटे जा रहे है। मयूर वन में आंवले और बांस का प्लांटेशन किया गया है।
यहां प्लांटेशन के लिए वन विभाग ने चैन लिंक फैंसिंग कराई। इसके बाद यहां प्लांटेशन किया। कई सालों तक यहां देखभाल की। और अब जब पौधे पेड बनकर फ ल देने लगे है तो यहां जबरदस्त कटाई वन विभाग की लापरवाही से हो रही है। इस प्लांटेशन से लगा नगर का वार्ड क्रमांक 14 और सोलह का हिस्सा आता है। वार्ड क्रमांक 14 में बरतन बेचने वाले लोग रहते है। इनके परिवार की महिलाएं बडी संख्या में रोज मयूर वन में प्रवेश करती है। रोजाना भारी मात्रा में ये कटाई करती है। सागौन से लेकर आंवले तक पर कुल्हाडी चलाने से ये परहेज नहीं करती। कई वर्षों की मेहनत का परिणाम आंवला और बांस यहां काटा जा रहा है। हाथी डोह से लगा पूरा क्षेत्र साफ कर दिया गया है।
यहां वन विभाग कोई बडी कार्रवाई नहीं कर रहा है इससे लोगों के हौसले बुलंद है। बकरिया चराने वाले भी यहां आंवला काटकर बकरियों को खिला रहे है। पेड काटने के बाद उसका सबूत मिटाने के लिए ये असामाजिक तत्व लगातार मयूर वन में आग भी लगा रहे है। जिससे जंगल को नुकसान हो रहा है। यहां वन विभाग के द्वारा ध्यान नहीं दिए जाने से वन विभाग की महत्वकांक्षी परियोजना पर संकट के बादल है।