भोपाल से दिल्ली की पदयात्रा पर निकले एम्स के युवा डॉक्टर

विदिशा। अखिल भारती आयुर्विज्ञान संस्थान एम्स भोपाल में पिछले तीन सालों से स्थायी डायरेक्टर नहीं होने से परेशान संस्थान में इंटर्नशिप कर रहे एमबीबीएस के छात्रों ने अपनी मांग को पूरा करवाने के लिए भरी गर्मी में पदयात्रा शुरू कर दी है। 800 किमी की इस पदयात्रा के तीसरे दिन डाक्टर विदिशा जिला मुख्यालय से आगे बढ़े हैं। यह यात्रा लगभग पांच जून तक दिल्ली पहुंचेगी।
विदिशा सहित मध्यप्रदेश के इस हिस्से में भीषण गर्मी का दौर चल रहा है। तापमान 45 से 46 डिग्री के बीच पहुंच गया है। ऐसे में लोग सुबह 10 बजे से लेकर शाम पंाच बजे तक बाहर निकलने से बचते हैं। इसी बढ़े हुए तापमान में भोपाल के दो डाक्टर संत गुरूप्रसाद और चंदनकुमार आर्यन अपनी निजी मांग की बजाय संस्थान और अपने सहयोगी प्रशुक्षू डाक्टरों के अच्छे भविष्य की ूमांग को लेकर भोपाल से दिल्ली तक की 800 किमी की पदयात्रा पर निकले हैं। तीन तारीख को शुरू हुई यह यात्रा भोपाल के बाद चार तारीख को सांची में रूकी। पांच तारीख को विदिशा बाढ़ वाले गणेश मंदिर और रंगई हनुमान मंदिर में कुछ देर रूकने के बाद बासौदा के रास्ते आगे निकल गई।
पदयात्रा में शामिल संत गुरूप्रसाद ने बताया कि भोपाल से दिल्ली तक पद यात्रा कर रहे हैं ताकि कुम्भकरणी नींद में सोये केंद्रीय स्वास्थ मंत्री की नींद खुल जाए और इन भोपाल एम्स के डॉक्टरों को एक स्थाई डारेक्टर की नियुक्ति हो पाए।क्योंकि महात्मा गांधी ने भी नमक कानून तोडऩे के लिए हाथ में लाठी लेकर डंडी यात्रा की थी।
और अब यह डॉक्टर भी अपनी सुनवाई न होने के कारण अपने हाथो में लाठी लेकर निकल पड़े हैं। डाक्टर देशमुख का कहना है कि फिलहाल इस पदयात्रा में संस्थान के चार छात्र शामिल हैं। यह गुरूवार को भोपाल से पैदल निकले हैं। यदि संस्थान में टेस्ट न चल रहे होते तो हो सकता हे पूरा एम्स अपने डारेक्टर की मांग के लिए निकल पड़ता। उनका लक्ष्य आगामी 5 जून को दिल्ली पहुंचकर केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री और विभागीय अधिकारियों से मुलाकात कर संस्थान में स्थायी डायरेक्टर की नियुक्ति करवाना है। मालूम हो एम्स में स्थायी डायरेक्टर की नियुक्ति को लेकर इंटर्नशिप कर रहे छात्र पिछले चार दिनों से भोपाल में धरना दे रहे हैं। इसके बावजूद उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इसी के चलते संस्थान के चार छात्रों ने भोपाल से दिल्ली तक पदयात्रा कर विरोध प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है।