हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस गोहिल करेंगे जांच

भोपाल,17 मई। नेशनल लॉ इंस्टीट्यूट यूनिवर्सिटी (एनएलआईयू) में फेल छात्रों को बीएएलएलबी (ऑनर्स) की डिग्री देने के मामला एक बार फिर गरमा गया है। इस मामले में अब परीक्षा शाखा व बाहरी लोगों की मिलीभगत का पता करने एक बार फिर से विस्तृत जांच की जाएगी। यह जांच हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस करेंगे। इस बार परीक्षा शाखा से जुड़े हुए सभी लोगों की जांच होगी। चाहे वह कम्प्युटर ऑपरेटर हो या फिर डायरेक्टर ऑफिस तक फाइलें लाने-ले वाला। बाहरी लोगों की भी मिलीभगत की जांच हाईकोर्ट के रिटायर्ड जस्टिस अभय गोहिल करेंगे। मंगलवार को यह आदेश जारी कर विस्तृत जांच का जिम्मा उन्हें सौंपा गया है। इस बार जांच के लिए गोहिल को पूरी छूट दी गई है, ताकि इसमें संबंधितों के आपराधिक कृत्य भी सामने आ सकें। जरूरत पडऩे पर वे पुलिस की मदद भी ले सकेंगे। वहीं फॉरेंसिक लैब सहित अन्य सुविधाओं की सहायता से भी जांच करा सकेंगे। अगर इस मामले में आर्थिक लेन-देन की बात उजागर होती है तो इसकी भी जांच की जाएगी।
बता दें कि अभी तक परीक्षा शाखा से बर्खास्त किए जा चुके असिस्टेंट रजिस्ट्रार रंजीत सिंह ही दोषी पाए गए थे, क्योंकि जांच का दायरा सीमित था। इस बार न्यायिक सेवाओं से जुड़े छात्रों से भी फिर से पूछताछ की जाएगी। इसके लिए रजिस्ट्रार गिरीबाला सिंह को जिम्मेदारी दी गई है। इन सभी को नोटिस जारी कर बुलाया जाए। इसके अलावा रजिस्ट्रार को कहा गया है कि वे भी इसमें सभी दस्तावेजों का परीक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करें। परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए जो अनुशंसा की गई थी उनमें परीक्षा संबंधी सभी नए पुराने का रिकॉर्ड का डिजिटलाइजेशन किया जाए। यूनिवर्सिटी सभी गतिविधियों के लिए ऑनलाइन पारदर्शी प्रणाली विकसित की जाए। परीक्षा और रिजल्ट संबंधी जानकारी के लिए छात्रों से सीधा संवाद किया जाए। कैंपस में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं। स्टूडेंट एक्टिविटी के लिए फंड बढ़ाया जाए। खाली पड़े टीचिंग व नॉन-टीचिंग के पोस्ट भरे जाएं, आदि शामिल है।