मिनिमम बैलेंस पर मनमाने चार्जेस लगा अधिकतम प्रॉफिट कमा रहे बैंक

नई दिल्ली, 3 जनवरी। कुछ दिनों पहले हमने आपको बताया था कि कैसे अधिकतर बैंक रिजर्व बैंक की गाइडलाइंस की धज्जियां उड़ाते हुए सेविंग्स अकाउंट्स में न्यूनतम राशि न रखने पर मनमाने चार्जेस लगा रहे हैं। कई बैंक कस्टमर्स पर मनमाने चार्जेस लगाकर बड़ा प्रॉफिट कमा रहे हैं।
वित्त मंत्रालय द्वारा जारी डेटा दिखाता है कि कैसे अधिकतर बैंकों ने सेविंग्स अकाउंट्स में मिनिमम बैलेंस न रखने पर कस्टमर्स पर चार्ज लगा भारी प्रॉफिट कमाया है। इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिकए देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई ने अप्रैल से नवंबर 2017 के बीच मिनिमम बैलेंस न रखने वाले कस्टमर्स पर चार्जेस लगाकर 1,771 करोड़ रुपये कमाए हैं। यह रकम बैंक को जुलाई से सितंबर तिमाही में हुए नेट प्रॉफिट 1,581 करोड़ रुपये से भी अधिक है और अप्रैल से सितंबर के बीच हुए प्रॉफिट 3,586 करोड़ रुपये की लगभग आधी है। बैंकों ने यह चार्जेस पांच साल के अंतराल के बाद वित्त वर्ष 2017.18 के दौरान ही जारी की हैं। पंजाब नैशनल बैंक ने अप्रैल से नवंबर के बीच कस्टमर्स पर मिनिमम बैलेंस न रखने पर जुर्माना लगा 97.34 करोड़ रुपये कलेक्ट किए हैं। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने 68.67 करोड़ रुपए और कैनरा बैंक 62.16 करोड़ रुपये इसी समयसीमा में चार्जेस लगा कमाए हैं।