तत्कालीन कलेक्टर मोती सिंह व पूर्व डीजीपी स्वराज पुरी को राहत

जबलपुर, 2 अगस्त। भोपाल गैस त्रासदी मामले में जबलपुर हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। ये फैसला पूर्व डीजीपी स्वराज पुरी और तत्कालीन कलेक्टर मोती सिंह के लिए राहत भरा कहा जा सकता है, क्योंकि हाईकोर्ट ने इन दोनों के खिलाफ लगी याचिका को खारिज कर दिया है।
इन अधिकारियों पर भोपाल गैस कांड के बाद यूनियन कार्बाइड कंपनी के तत्कालीन चेयरमैन वॉरेन एंडरसन को फरार कराने के आरोप थे। भोपाल गैस पीडि़त महिला उद्योग संगठन के अब्दुल जब्बार और शाहनवाज खान ने ये याचिका दायर की थी। इनके खिलाफ स्वराज पुरी की ओर से याचिका दायर की गई, जिस पर हाईकोर्ट ने शिकायतकर्ताओं को नोटिस जारी कर 4 हफ्तों में जवाब मांगा है। अपनी याचिका में स्वराज पुरी ने कहा था कि मामला करीब 26 साल पुराना 1984 का है और उनके खिलाफ शिकायत करने में हुई इतनी देरी के बाद उन पर कार्रवाई नहीं की जा सकती। उन्होंने आईपीसी की धारा 468 का हवाला देते हुए लिखा कि किसी भी मामले में 3 साल की अवधि के अंदर ही मुकदमा शुरू किया जा सकता है, लेकिन इस मामले में 26 साल की देरी हुई है, लिहाजा इसे खारिज किया जाए। इस पर हाईकोर्ट ने स्वराज पुरी और मोती सिंह के खिलाफ लगी याचिका खारिज कर दी।