जनआशीर्वाद यात्रा के चलते राष्ट्रीय हिन्दी मेल समूह का ताजा आकलन

शिवराज 160 पर

कमलनाथ 60 पर

मध्यप्रदेश में भारतीय जनता पार्टी तथा भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने जब से चुनाव का बिगुल फूंका है तब से लेकर अभी तक दो महीने के भीतर लगातार दोनों पार्टियों के स्टार प्रचारक अपना- अपना ग्राफ बढ़ाने के लिए जी तोड़ कोशिश कर रहे हैं लेकिन 2018 के विधानसभा चुनाव को चौथी बार सत्ता में लाने के लिए अपनी सबसे बड़ी चुनौती मानने वाले शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का चेहरा सामने लाकर और सब कुछ छोड़कर मैदान में दिन- रात एक करने के इरादे से 2 महीने के अंदर 230 विधानसभा क्षेत्रों में जन आशीर्वाद यात्रा के माध्यम से पहुंच बनाने का फैसला किया। वहीं कांग्रेस नेता कमलनाथ और चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष ज्योतिरादित्य सिंधिया पिछड़ते हुए दिखाई दे रहे हैं। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ का कहना है कि गुजरात में हम ने गलती की थी और चुनाव प्रचार अभियान को 5 महीने पहले अंजाम दिया था इसलिए हार गए। जबकि ज्योतिरादित्य सिंधिया, अजय सिंह, अरुण यादव, कांतीलाल भूरिया इन चारों नेताओं ने अपने- अपने आभामंडल के इलाकों में पैठ बनाना शुरू कर दिया है। जिसके कारण कांग्रेस को लगभग 48 सीटों पर सुनिश्चत जीत मिल सकती है। उधर कमलनाथ महाकौशल क्षेत्र में अपने प्रभाव से आज की तारीख तक मात्र 12 सीटों पर प्रभावशाली नजर आते हैं। एक ताजा आकलन के अनुसार शिवराज सिंह चौहान 160 विधानसभा क्षेत्रों में आकर्षण का केन्द्र बन चुके हैं तो कांग्रेस मात्र 60 सीटों पर कुछ कर गुजरने की स्थिति में है। जानकारों का कहना है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया चुनाव के पहले मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार घोषित हो जाते हैं तो आकलन का यह आंकड़ा तेजी से बदल सकता है। तब मध्यप्रदेश की राजनीति में कैसा परिवर्तन आएगा, यह अभी भी खोज का विषय है और ज्योतिरादित्य सिंधिया को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करना कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के लिए टेढ़ी खीर है।