मोदी का चेहरा, जन आशीर्वाद चौथी बार हमारी ही सरकार : शिवराज

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के रथ में राष्ट्रीय हिन्दी मेल का 2 घंटे का सफर

भोपाल, 13 अगस्त। मध्यप्रदेश में 2018 का विधानसभा चुनाव कुछ महीनों पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को काफी चुनौतीपूर्ण और बेहद कठिन राजनीतिक सफर से गुजरने का दौर दिखाई देता था लेकिन आज माहौल जितना बदला है और जिसके कारण भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं के चेहरे खिल उठे हैं, उससे शिवराज का हौसला पहले से भी कहीं 50 गुना ज्यादा बुलंद हो गया है, ऐसा लिखने या कहने में हमें कोई संकोच नहीं है।
राष्ट्रीय हिंदी मेल के इस प्रतिनिधि ने कल अपरान्ह 12 बजे जन आशीर्वाद यात्रा में आकर्षण का भव्य केन्द्र बने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह की रथ यात्रा में उनके साथ पूरे- पूरे 2 घंटे गुजारे। हमारी जगह यदि कोई और भी पत्रकार उनके साथ होता तो वह भी यह देखकर आश्चर्यचकित होता कि आखिर शिवराज सिंह चौहान में रातों- रात ऐसा कौन सा जादू समा गया है, जिन्हें देखने के लिए गांव- गांव में छत से महिलाएं, जिस डगर से रथ गुजर जाए, वहां हजारों की संख्या में भांजे और भांजियां अपने मामा और मामी मतलब शिवराज सिंह चौहान और यात्रा में शक्ति का केन्द्र बनीं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती साधना सिंह को एक झलक देखने और उन्हें छू लेने की ललक में ऐसे नजर आते हैं जैसे किसी ने कुछ आज तक किया हो या न किया हो, मामा ने तो सब कुछ उन्हें दे दिया है। पूरे 2 घंटे की रथ यात्रा में हर 20- 25 मिनट में बमुश्किल राष्ट्रीय हिंदी मेल के इस प्रतिनिधि को सवाल- जवाब का मौका मिलता, फिर मामा और मामी अपनी धुन में भांजे- भांजियों को प्यार करते, पुचकारते आगे बढ़ जाते हैं। कहीं पर बड़ी सभा, जहां कांनड़ जैसे कस्बे में 15- 20 हजार की भीड़ तो कहीं रथ सभा, जहां वे रथ रोकते और भीड़ को संबोधित करते, वहां 4-5 हजार की भीड़ बेहद मामूली, जो किसी सरकारी दबाव में शिवराज को देखने नहीं आए, उन्हें सुनते, अभिवादन करते और चौथी बार सरकार बनाने के लिए दोनों हाथ उठाकर आशीर्वाद देते, देखते बनता था। हमने इसी बीच मुख्यमंत्री से पूछा कि आपने साढ़े 13 वर्ष में मध्यप्रदेश की जनता के लिए सब कुछ किया, कोई कसर नहीं छोड़ी फिर यह आशीर्वाद यात्रा क्यों? शिवराज सिंह चौहान का जवाब था कि हम कांग्रेसियों के बहकावे में मध्यप्रदेश की भोली- भाली जनता न आ जाए इसलिए शहर- शहर, डगर- डगर, गांव- गांव घूमकर उन्हें याद दिलाते हैं कि यदि हमने उनके लिए सचमुच में कुछ किया है तो हमें चौथी बार सरकार बनाने के लिए जी भरकर आशीर्वाद दें। विजय जी, आप खुद ही अंदाजा लगा लें कि महिलाएं- युवा जिस हिसाब से हमारी आशीर्वाद यात्रा में पूरे सैलाब के साथ आशीर्वाद देने आए हैं, इससे हमारा आत्मविश्वास कितना बढ़ गया होगा। जनता में सरकार के प्रति भरोसे और विश्वास की गहराई को और मजबूत करने के लिए हम जन आशीर्वाद यात्रा में निकले हैं, ऐसे कहते- कहते शिवराज फिर रथ सभा में बस के ऊपर पहुंच जाते हैं। उनका भाषण होता है, कांग्रेस कहती है कि गरीबी हटाओ और गरीबों का जी भरकर मजाक उड़ाती है। 50 साल सत्ता में रही लेकिन कांग्रेस गरीबी नहीं हटा पाई। इतने में बच्चे पुकारते हैं मामा जिंदाबाद तो उनके पास वे रथ से उतरकर चले जाते हैं फिर वापस आकर रथ में बैठने से पहले सबसे पूछते हैं कि चौथी बार के लिए आशीर्वाद है तो एक साथ गगनभेदी आवाज उठती है, मामा जी आगे बढ़ो, चौथी बार भी हम आपके साथ हैं। शिवराज सिंह कुछ पल के लिए रथ के अंदर आते हैं फिर राष्ट्रीय हिंदी मेल का दूसरा सवाल कि जन आशीर्वाद यात्रा में शिवराज जी आपके लिए गांव- गांव और हर शहर में उमडऩे वाले सैलाब को वोटों में कैसे बदलेंगे ? उनका उत्तर होता है कि हमारी यह यात्रा जनता के दिल जीतने के लिए है लेकिन हम यह कहने से परहेज नहीं करेंगे कि इसमें हमारा राजनीतिक स्वार्थ नहीं है। हमने यह यात्रा चुनाव जीतने तक के लिए नहीं निकाली है, हम जीतने के बाद भी इस तरह की यात्राएं लगातार करते रहेंगे।
पूरी यात्रा के दरम्यान अपनी धर्मपत्नी श्रीमती साधना सिंह को पुकारते, कभी उनके हाथों से भोजन के लिए निवाला लेते फिर जनसभा के लिए मैदान में चले जाते, ऐसा लगता है कि शिवराज के लिए उनकी ‘ कोकिलाÓ श्रीमती साधना सिंह शक्ति प्रवाहित करतीं तो दूसरी ओर भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रभात झा सारथी की भूमिका में पूरी यात्रा का वर्णन करते- करते नहीं थकते और हमसे कहते कि विजय भाई, यह जो महिलाएं छत पर खड़ी हैं, जो सड़कों पर बिजली बिल माफी का प्रमाण पत्र लेकर हजारों की संख्या में शिवराज के रथ पर फूल बरसा रहे हैं, यह कोई सरकारी मशीनरी से लाई गई भीड़ हो ही नहीं सकती। इधर शिवराज सभा से आते हैं फिर हमारे तीसरे प्रश्न पर छोटा सा जवाब देते हैं और वह जवाब बड़ा गहरा होता है। हमने पूछा कि 2018 के विधानसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के चेहरे से आपको लाभ मिलेगा या नहीं? शिवराज सिंह चौहान का दो टूक उत्तर था कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश के लिए वरदान हैं, उनके चेहरे और उनकी नीतियों की ताकत तथा हमारा पराक्रम मध्यप्रदेश में चौथी बार भाजपा की सरकार ही बनाने के लिए जादुई छड़ी नहीं हैं बल्कि हम 2019 में भी मध्यप्रदेश की अधिकतम लोकसभा क्षेत्रों में चुनाव केवल नरेन्द्र मोदी जी के चेहरे पर जीतकर आएंगे, यह हमारा दावा है। इतना कहते और फिर उनकी रथ यात्रा नलखेड़ा के लिए रवाना हो जाती है।
जाते- जाते हमने पूछा कि जन आशीर्वाद यात्रा में आपकी किस योजना के लाभ से जनता प्रभावित और आकर्षित है, जिसकी वजह से आपका रथ बिना बुलाए इस जन सैलाब का समर्थन लेते आगे बढ़ रहा है? शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि लाडली लक्ष्मी योजना से शुरू हमारी सरकार की महिलाओं के लिए मध्यप्रदेश में जितनी योजनाएं आईं, मुख्यमंत्री शिक्षा योजना से लेकर शिक्षा के क्षेत्र में जितनी युवाओं के लिए योजनाएं आईं, स्वास्थ्य के क्षेत्र में जननी सुरक्षा योजना से लेकर मातृ मृत्यु दर कम करने एवं शिशु मृत्यु दर कम करने में हमारी सरकार के जितने प्रयास हुए, उसके बाद आज बिजली बिल माफी से पौने 2 करोड़ गरीब जनता को मिला लाभ और बिजली बिल 200 रु. में गरीब चाहे जितनी भी बिजली जलाए और संबल योजना में गरीबों को जितना लाभ हमने दिया है, हमारा दावा है कि यह किसी कांग्रेस की सरकार के वश में नहीं था इसलिए संबल योजना 2018 विधानसभा चुनाव के लिए जन शक्ति का सबसे बड़ा स्त्रोत है। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का मिशन 200 के पार के नारे को हम सच साबित करना चाहते हैं और मैं यह दावा करता हूं कि मध्यप्रदेश में जिस किसान के नाम पर कांग्रेस के कमलनाथ, ज्योतिरादित्य सिंधिया छलावे की राजनीति कर रहे हैं, उन्हीं किसान भाइयों का हमें भरपूर समर्थन मिलेगा और चौथी बार मध्यप्रदेश में भाजपा की ही सरकार बनेगी।