कल सफल होगा कांग्रेस का भारत बंद!

प्रशासनिक संवाददाता
भोपाल, 9 सितंबर। पेट्रोल-डीजल एवं रसोई गैस की बढ़ती कीमतों और बढ़ती महंगाई के मुद्दे पर 10 सितंबर को कांग्रेस द्वारा बुलाया गया भारत बंद सफल होने की उम्मीद है। दरअसल चेंबर आफ कामर्स ने भी बंद को अपना समर्थन दिया है।
आम आदमी से सीधे जुड़े मुद्दों पर आहूत इस बंद की सफलता इससे भी नजर आती है कि मध्यप्रदेश के पुलिस और प्रशासन ने बंद के दौरान शांति व्यवस्था कायम रखने के व्यापक तैयारियां की हैं। गृह सचिव मलय श्रीवास्तव और डीजीपी ऋषि कुमार शुक्ला ने सूबे में शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए सभी जिलों के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षकों को निर्देश जारी किए हैं। सभी जिला मुख्यालयों और तहसील मुख्यालयों पर अतिरिक्त पुलिस बल भी तैनात रहेगा। मालूम हो कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राहुल गांधी ने पेट्रोल-डीजल एवं रसोई गैस की बढ़ती कीमत से जनता पर पडऩे वाली महंगाई की मार की ओर भाजपा सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए सोमवार, 10 सितम्बर, 2018 को भारत बंद का आव्हान किया है। इसी तारतम्य में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने प्रदेश की जनता से आग्रह किया है कि मोदी सरकार द्वारा ईंधन की इस लूट के खिलाफ 10 सितम्बर के शांतिपूर्ण प्रदेश बंद में कांग्रेस का साथ दें और सुबह नौ बजे से अपरान्ह तीन बजे तक आयोजित बंद को सफल बनाएं।
कमलनाथ ने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड आइल पिछले सवा दो साल में 34.09 डॉलर प्रति बैरल सस्ता हुआ है, लेकिन इस बीच पेट्रोल आठ रूपए और डीजल 16 रूपए से अधिक महंगा हो गया। पिछले 52 महीनों में मोदी सरकार इस पर भारी-भरकम टैक्स लगाकर 11 लाख करोड़ रूपये से ज्यादा का मुनाफा कमा चुकी है। राज्यों द्वारा वेट और केंद्रीय एक्साइज ड्यूटी लगाकर दोनों हाथों से देश के 132 करोड़ लोगों को लूटा जा रहा है।
कमलनाथ ने कहा कि केंद्र में भाजपा की सरकार आने के बाद केंद्रीय एक्साइज ड्यूटी 12 बार बढ़ायी गयी है। पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस की कीमतें इतिहास में सबसे ऊंचे फायदान पर हैं। बिना सब्सिडी वाली रसोई गैस भी पिछले 52 महीनों में 340 रूपए और सब्सिडी वाली 84 रूपए प्रति सिलेण्डर महंगी हो गयी है। देश में आम लोग, मध्यम वर्ग, किसान, ट्रांसपोर्टर्स और छोटे-छोटे धंधे करने वाले लोग महंगाई के बोझ तले दबकर कराहने को मजबूर हैं। भारत में पेट्रोल-डीजल तो महंगा मिल रहा है, लेकिन मोदी सरकार 15 अन्य देशों को पेट्रोल 34 रूपए और 29 देशों को डीजल 37 रूपए प्रति लीटर की दर पर बेचा जा रहा है। यानि विदेशों में तो सस्ता और भारत में महंगा। मोदी देशवासियों के साथ ही अन्याय क्यों कर रहे हैं?
कमलनाथ ने कहा कि कांग्रेस पार्टी और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने बार-बार यह मांग रखी है कि पेट्रोल व डीजल की कीमतें जीएसटी के अंतर्गत लायी जाएं। इससे आम जनता को दस से पंद्रह रूपये तक की राहत मिल सकेगी। लेकिन भाजपा सरकार का एकमात्र लक्ष्य लोगों की गाढ़ी कमाई को लूटना है।