कितने राजेश हैं यहां…

यह जुमला आजकल निर्वाचन आयोग में सुनने को मिल रहा है। दरअसल इस चुनाव में आयोग का लगभग पूरा अमला ही बदल गया है। निचले स्तर से लेकर ऊपरी सिरे तक हुए इस बदलाव में एक अजीब संयोग यह बना है कि यहां पांच राजेश, तीन राकेश और दो सिंह साहब हैं। नामों की इस गफलत से तीनों आईएएस अफसरों को जूझना पड़ रहा है। एक राजेश को फोन लगाते हैं तो दूसरा उठा लेते हैं और दूसरे राजेश को लगा लेते हैं तो तीसरे राजेश के पास फोन पहुंच जाता है। समस्या यहीं समाप्त नहीं होती। कई बार तो काम के दबाव में चल रहे आयोग के अफसर राजेश और राकेश में भी कन्फ्यूज हो रहे है। चूंकि सभी अपने-अपने काम के महारथी हैं, इसलिए नामों की यह समस्या जल्द सुलझने वाली भी नहीं दिख रही।
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