कमजोर विधानसभा क्षेत्रों को मजबूत करने की दिशा में कांग्रेस

आरती शर्मा
भोपाल, 13 सितम्बर। विधानसभा चुनावों की दहलीज पर प्रदेश कांग्रेस पार्टी के सामने अभी भी कई गंभीर चुनौतियां हैं। अपनी परम्परागत सीटों को बचाने के अलावा कांग्रेस के समक्ष वह मुद्दे भी हैं, जहां भारतीय जनता पार्टी विफल रही है। जनता से सीधे संवाद स्थापित कर उनकी समस्या को सुनने के साथ-साथ उनके मन में कांग्रेस की छवि को पुन: जागृत करना भी कांग्रेस की कोशिशों में शामिल है। आजकल प्रदेश के हर अंचल में कमोबेश दिग्गजों का जमावड़ा है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ, पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह सहित सभी कांग्रेसी नेताओं ने अपने-अपने प्रभाव वाले क्षेत्रों के अलावा आस-पास के क्षेत्रों में अपनी उपस्थिति दिखानी शुरू कर दी है। कई नेता तो दो-दो, तीन-तीन दिन एक ही क्षेत्र में अपना डेरा डाले बैठे हैं तो कई नेताओं ने यात्राओं के नाम पर जनता से सीधा संवाद करने का जरिया तलाश लिया है। विधानसभा क्षेत्रों में पार्टी को मजबूत करने के लिए ये नेतागण अलग-अलग पहुंच रहे हैं। इनमें से कई तो उन क्षेत्रों में पहुंच रहे हैं, जहां कांग्रेस की हालत पतली है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ पेटलावद के पीडि़तों के बीच जहां झाबुआ और नीमच पहुंच चुके हैं, वहीं दिग्विजय सिंह अपनी संगत में पंगत के लिए नेताओं से वन-टू-वन चर्चा के लिए रतलाम, मंदसौर, नीमच जा रहे हैं। कांग्रेस की इन तीनों जिलों में मिलाकर एक सीट है, जबकि बाकी की 11 सीटों पर भाजपा का कब्जा है। जाहिर है ऐसे में दिग्विजय सिंह के राजनीतिक अनुभव का लाभ कांग्रेस इस क्षेत्र में उठा सकती है। नीमच जिला पिछले साल किसान आंदोलन के वक्त काफी प्रभावित रहा था। कमलनाथ और दिग्विजय सिंह तो नीमच जाएंगे ही, मालवा-निमाड़ क्षेत्र में ज्योतिरादित्य सिंधिया भी नीमच में सभा करेंगे। प्रदेशाध्यक्ष कमलनाथ के साथ इस क्षेत्र में दिग्गजों का जमावड़ा जनता को यह बताने के लिए होगा कि कांग्रेस पार्टी में कोई गुटबाजी नहीं है। दिग्गज नेताओं का सभाओं और समन्वय में समय व्यतीत होगा। इन सबके साथ ही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की जनआशीर्वाद यात्रा के पीछे-पीछे चल रही कांग्रेस की जनजागरण यात्रा का नौवां चरण भी जीतू पटवारी के नेतृत्व में साथ-साथ चल रहा है। जनजागरण यात्रा का अब अगला पड़ाव राजगढ़, ब्यावरा और राघौगढ़ है। जीतू के साथ युवा विधायक जयवर्धन सिंह और युवा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष प्रियव्रत सिंह भी शामिल हैं।