उपज की नई खरीद नीति को केंद्र की मंजूरी

नई दिल्ली, 13 सितंबर, (एजेंसी)। आगामी संसदीय चुनाव से पहले सरकार ने किसानों को नई खरीद नीति का तोहफा दिया है। इस नई नीति के तहत न्यूनतम समर्थन मूल्य पर ज्यादा से ज्यादा किसानों की उपज की खरीद सुनिश्चित की जा सकेगी। इसे लागू करने के लिए सरकार ने 15 हजार करोड़ रुपए से अधिक का प्रावधान किया है। इस नीति पर चालू खरीफ सीजन से ही अमल शुरू कर दिया जाएगा। सरकार इसे कृषि क्षेत्र का ऐतिहासिक फैसला मान रही है। नई खरीद नीति को प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (पीएम की आशा) के नाम से जाना जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति की बैठक में बुधवार को यह फैसला लिया गया। किसानों की आमदनी दोगुनी करने के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में डेढ़ गुना वृद्धि करने के बाद खरीफ सीजन की खरीद शुरू होने से ठीक पहले उपज की खरीद को सुनिश्चित किया गया है। पीएम आशा का उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना है। कैबिनेट के फैसले की जानकारी देने आए कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह ने बताया कि इस नीति में राज्यों को केंद्र के साथ मिलकर खरीद सुनिश्चित करनी होगी। राज्यों को तीन विकल्प दिए गए हैं। इनमें पहले से मौजूद मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस), दूसरा भावांतर भुगतान योजना और तीसरी योजना में प्रायोगिक तौर पर निजी क्षेत्रों को भी एमएसपी पर खरीद की छूट दी गई है। इसके लिए उन्हें अतिरिक्त प्रोत्साहन दिया जाएगा।