पैट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों से जनता बेहाल, सरकार मालामाल

नई दिल्ली, 13 सितम्बर। पैट्रोल-डीजल के दाम रोजाना बढऩे से आम लोग परेशान हैं, पर राज्य सरकारों का फायदा बढ़ रहा है। एसबीआई रिसर्च की रिपोर्ट के मुताबिक ज्यादा दाम से 19 प्रमुख राज्यों को 2018-19 में 22,702 करोड़ रुपए की अतिरिक्त कमाई होगी। यह आकलन साल में कच्चे तेल की औसत कीमत 75 डॉलर बैरल और डॉलर का मूल्य 72 रुपए मान कर किया गया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि राज्य पैट्रोल के दाम औसतन 3.20 रुपए और डीजल के 2.30 रुपए घटा दें, तब भी रेवेन्यू उनके बजट अनुमान के बराबर रहेगा। राज्य पैट्रोल-डीजल की कीमत और डीलर कमीशन पर वैट वसूलते हैं। जिन 19 राज्यों पर रिसर्च है, वहां पैट्रोल पर वैट 24 फीसदी से 39 फीसदी तक और डीजल पर 17 फीसदी से 28 फीसदी तक है। कीमत बढऩे के साथ वैट के रूप में वसूली बढऩे से राज्यों की कमाई भी बढ़ जाती है। केंद्र की एक्साइज ड्यूटी फिक्स्ड होती है। अभी पैट्रोल पर यह 19.48 रुपए और डीजल पर 15.33 रुपए लीटर है। राजस्थान और आंध्रप्रदेश सरकार के बाद प. बंगाल ने राज्य में पैट्रोल-डीजल की कीमत एक रुपए घटा दी।
अप्रैल से पैट्रोल 9.95त्न और डीजल 13.3त्न महंगा हुआ
मंगलवार को दिल्ली में पैट्रोल की कीमत 80.87 रुपए और डीजल की 72.97 रुपए लीटर हो गई। दोनों के दाम 14 पैसे बढ़े। अप्रैल से अब तक पैट्रोल 9.95 फीसदी और डीजल 13.3 फीसदी महंगा हुआ है।
रुपया 8 महीने में 13त्न कमजोर
मंगलवार को डॉलर की तुलना में रुपया 72.74 के रिकॉर्ड स्तर तक गिर गया। हालांकि दिन के अंत में यह 24 पैसे कमजोर होकर 72.69 पर बंद हुआ। भारतीय करेंसी अप्रैल से अब तक 11.5 फीसदी और जनवरी से 13 फीसदी गिर चुकी है।