छग राजभवन की फिजूलखर्ची पर राज्यपाल ने उठाए सवाल

रायपुर, 16 सितंबर। कार्यवाहक राज्यपाल श्रीमती आनंदी बेन पटेल ने छत्तीसगढ़ की दूसरी विजिट में जिस तरह के तेवर दिखाई हैं, उससे अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। नया रायपुर में प्रस्तावित राजभवन में जब उन्हें पता चला कि आठ कमरों वाला भव्य गेस्ट हाउस का प्रावधान किया गया है, तो उन्होंने सवालों की झड़ी लगा दी।
नए राजभवन का लेआउट और डिजाइन लेकर पीडब्लूडी के अफसरों की टीम राज्यपाल से मिलने पहुंची थी। राजभवन का डिजाइन बताते-बताते जब आठ कमरों वाले गेस्ट हाउस की बात आई तो राज्यपाल ने सवाल दाग दिया। साल में कितने गेस्ट राजभवन में रुकते हैं। इस पर अफसर सकपका गए। पीछे से राजभवन के एक अफसर ने बताया साल में एक या दो। कांग्रेस शासन काल में केंद्रीय गृह मंत्री पी चिदंबरम रुकते थे। अब कोई केंद्रीय मंत्री भी नहीं रुकता। इस पर राज्यपाल बोलीं, जब कोई रुकता नहीं, तो 8 कमरे का गेस्ट हाउस बनाने का मतलब क्या है। ये पैसे की बर्बादी है। उन्होंने साफ तौर पर कहा, दो कमरों का गेस्ट हाउस काफी है। इस पर पीडब्लूडी के अधिकारियों बोले, यस मैम। पीडब्लूडी के एक वरिष्ठ अफसर ने बताया कि नए राजभवन के ड्राइंग में अब चेंज करके गेस्ट हाउस को दो कमरे का किया जाएगा।
वैसे, आनंदी बेन पटेल कई मामलों में पहले के राज्यपालों से बिल्कुल अलग हैं। उन्हें तामझाम या राजभवन की औपचारिकता पसंद नहीं है। राजभवन के अनाप-शनाप खर्चों पर भी उन्होंने सवाल उठाए हैं। आनंदी बेन ने स्पष्ट तौर पर चेताया है कि फिजूलखर्ची पर लगाम लगाई जाए।
राजभवन से राज्यपाल की शाही कुर्सी हटवा कर उन्होंने सामान्य कुर्सी लगवा ली है। राजभवन की मीटिंगों में भी उनके लिए सामान्य कुर्सी लगाई जा रही है। आईपीएस अभिषेक शांडिल्य के डेपुटेशन पर सीबीआई जाने के बाद नए एडीसी के लिए आईपीएस अफसरों का इंटरव्यू वे खुद ही लीं। आमतौर पर राज्यपाल कहीं बाहर जाते हैं तो उनके एडीसी साथ होते हैं। लेकिन, भोपाल जाते समय जब यहां के एडीसी ने साथ जाना चाहा तो उन्होंने एकदम मना कर दिया।