मप्र में कानून का दुरुपयोग नहीं होने देंगे : शिवराज

सतना, 19 सितम्बर। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज सतना में आयोजित राज्य-स्तरीय पिछड़ा वर्ग महाकुंभ में कहा कि मध्यप्रदेश की धरती पर कानून का दुरुपयोग नहीं होने देंगे। किसी भी वर्ग के व्यक्ति के साथ अन्याय नहीं होने देंगे। सबको न्याय मिलेगा। प्रदेश में किसी भी स्थिति में सामाजिक समरसता का वातावरण दूषित नहीं होने दिया जाएगा। चौहान ने पिछड़ा वर्ग के लोगों का आव्हान किया कि समाज के सभी वर्गों की भलाई के लिये एकजुट होकर कार्य करें।
चौहान ने मध्यप्रदेश शासन की कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि योजनाओं में हर वर्ग के व्यक्ति के हित को ध्यान में रखा गया है। योजनाओं का लाभ सभी वर्गों के लोग प्राप्त कर रहे हैं, किसी के साथ भेदभाव नहीं किया जा रहा है। उन्होंने बुनियादी सुविधाओं और शिक्षा, स्व-रोजगार आदि योजनाओं का जिक्र करते हुए बताया कि सभी वर्गों के विकास के लिये योजनाओं में प्रावधान किये गये हैं। चौहान ने कहा कि संबल योजना समाज के सभी वर्गों के गरीब तबके के लिये सुरक्षा कवच है।
सम्मानित हुए समाज सेवी: महाकुंभ में रामजी महाजन पिछड़ा वर्ग सेवा राज्य पुरस्कार वर्ष 2016 से समाज-सेवी मुन्नासिंह दांगी, विजय घाटोड, मुन्नीलाल यादव, ज्वाला प्रसाद विश्वकर्मा, बृजेश चौहान, मुख्यतार सिंह यादव, हेमलाल महाजन, डॉ. धन सिंह चंदेल, श्रीमती जमुना यादव, श्रीमती राममूर्ति राजपूत, श्रीमती मनीषा चौरसिया, श्रीमती सीमा सेन, श्रीमती प्रेमलता सेनी, श्रीमती ममता विश्वकर्मा और श्रीमती मंजू चौधरी को सम्मानित किया गया। महात्मा ज्योतिबा फुले पिछड़ा वर्ग सेवा राज्य पुरस्कार वर्ष 2016-17 से समाज-सेवी कृष्णगोपाल कश्यप और साबित्रीबाई फुले पिछड़ा वर्ग सेवा राज्य पुरस्कार वर्ष 2016-17 से समाज-सेवी श्रीमती मंजू सराठे को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के अंतर्गत पिछड़ा वर्ग के उद्यमियों को प्रतीकात्मक चेक प्रदान किये। राज्य-स्तरीय पिछड़ा वर्ग महाकुंभ में उद्योग मंत्री राजेन्द्र शुक्ल, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री रुस्तम सिंह, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती ललिता यादव, ऊर्जा मंत्री नारायण सिंह कुशवाह और सांसद गणेश सिंह, प्रहलाद पटेल और जनार्दन मिश्रा, विधायक नारायण त्रिपाठी और शंकरलाल तिवारी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सुधा सिंह, अन्य जन-प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में वरिष्ठ समाज-सेवी मौजूद थे।