सफाई कर्मचारियों पर गंदी राजनीति खेल रही है बीजेपी

नई दिल्ली, 6 अक्टूबर। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ईस्ट दिल्ली में सफाई व्यवस्था को लेकर चिंता जताते हुए कहा है कि बीजेपी की केंद्र और एमसीडी की सरकारों ने दिल्ली की सफ़ाई व्यवस्था को पूरी तरह अस्त व्यस्त कर दिया है। सीएम ने ट्वीट किया कि वे सफ़ाई कर्मचारियों को लेकर बेहद चिंतित हूं। हर दो महीनों में इनको अपनी सैलरी लेने के लिए हड़ताल करनी पड़ती है। दिल्ली सरकार इस साल ईस्ट एमसीडी को अभी तक 770 करोड़ रुपये जारी कर चुकी है। 2014-15 की तुलना में इस साल अभी तक ईस्ट एमसीडी को दोगुना पैसा दिया जा चुका है। दिल्ली सरकार ने कहा है कि सफाई कर्मचारियों के मुद्दे पर केंद्र सरकार और एमसीडी गंदी राजनीति खेल रही है और दिल्ली सरकार को बदनाम करने की साजिश की जा रही है। सरकार का कहना है कि 2014-15 में जब दिल्ली में राष्ट्रपति शासन लागू था, उस समय ईस्ट एमसीडी को 396 करोड़ रुपये दिए गए थे और लोन रिकवरी के लिए 45 करोड़ रुपये डिडक्ट कर लिए गए थे। 2017-18 में दिल्ली सरकार ने ईस्ट एमसीडी को 724 करोड़ रुपये दिए और लोन पर कोई ब्याज डिडक्ट नहीं किया। 2014-15 की तुलना में दोगुनी राशि हासिल किए जाने के बाद भी कर्मचारियों को सैलरी क्यों नहीं दी जा रही है? 2014 में कोई हड़ताल नहीं होती थी। सरकार ने कहा है कि केंद्र सरकार से एमसीडी को 5 हजार करोड़ रुपये मिल सकते हैं, इस मुद्दे पर एमसीडी खामोश क्यों है? इस साल 770 करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं और साफ है कि इस पैसे को डायवर्ट कर दिया जाता है और ठेकेदारों को पेमेंट की जाती है, जबकि कर्मचारियों को सैलरी नहीं दी जाती। गुरुवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में और एससी-एसटी मंत्री राजेंद्र पाल गौतम के सहयोग से सफाई कर्मचारियों के मुद्दों को लेकर 15 सफाई कर्मचारी यूनियन के पदाधिकारियों के साथ मुख्यमंत्री आवास पर एक अहम बैठक हुई।