अकबर का मंत्री पद से इस्तीफा

नई दिल्ली, १८ अक्टूबर। यौन उत्पीडऩ के आरोपों का सामना कर रहे एमजे अकबर ने बुधवार को विदेश राज्य मंत्री पद  से इस्तीफा दे दिया। उनके खिलाफ अब तक 9 दिन में 16 महिलाओं ने यौन उत्पीडऩ के आरोप लगाए हैं। 20 महिलाएं उनके खिलाफ गुरुवार को पटियाला हाउस कोर्ट में गवाही देने के लिए तैयार हैं।
अकबर पर एक हफ्ते से इस्तीफे का दबाव था। इस बीच, मी-टू अभियान के तहत सामने आ रहे मामलों की जांच के लिए सरकार रिटायर्ड जजों की कमेटी बनाने की बजाए मंत्रियों का एक समूह गठित करने पर विचार कर रही है।
महिला पत्रकारों ने कहा- इस लड़ाई में प्रिया अकेली नहीं
20 महिला पत्रकारों ने एक संयुक्त बयान जारी कर कहा, ‘प्रिया रमानी इस लड़ाई में (अकेली नहीं है। हम मानहानि मुकदमे की सुनवाई कर रही अदालत से अनुरोध करते हैं कि यौन उत्पीडऩ से जुड़ी हमारी गवाही भी सुनी जाए। इस संयुक्त बयान पर प्रिया रमानी के अलावा जिन 19 महिला पत्रकारों ने दस्तखत किए हैं, उनके नाम हैं- मीनल बघेल, मनीषा पांडे, तुशिता पटेल, कनिका गहलोत, सुपर्णा शर्मा, रमोला तलवार, होईन्हू हौजे, आयशा खान, कौशलरानी गुलाब, कनिजा गजारी, मालविका बनर्जी, एटी जयंती, हमीदा पारकर, जोनाली बुरगोहैन, सुजाता दत्त सचदेवा, रश्मि चक्रवर्ती, किरण मनाल, संजरी चटर्जी, क्रिश्चियन फ्रांसिस।