हर हाल में बनना चाहिए राम मंदिर, सरकार लाए कानून

नागपुर, १९ अक्टूबर। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ आज अपना 93वां स्थापना दिवस मना रहा है। इस मौके पर नागपुर में संघ द्वारा पथ संचलन (रूट मार्च) का आयोजन किया गया। संघ प्रमुख मोहन भागवन की मौजूदगी में स्वयंसेवकों ने पथ संचलन किया।
नोबेल पुरस्कार से सम्मानित और सामाजिक कार्यकर्ता कैलाश सत्यार्थी भी संघ के वार्षिक विजयदशमी समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। मंच पर वे संघ प्रमुख के बगल में बैठे नजर आए। इस अवसर पर अपने वार्षिक भाषण में संघ प्रमुख ने अर्बन नक्सली से लेकर पाकिस्तान और चीन को भी निशाने पर लिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संघ प्रमुख मोहन भागवत ने एक बार फिर भारत को विश्वगुरु बनाने की बात दोहराई। उन्होंने कहा कि भारत अगर पंचामृत के मंत्र पर आगे बढ़ेगा तो एक बार फिर विश्वगुरू बन सकता है। वहीं, बाबर का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि एक भयानक आंधी बाबर के रूप में आई और उसने हमारे देश के हिंदू-मुसलमानों को नहीं बख्शा। बाबर नाम की इस बर्बर आंधी ने हमारे समाज पर अत्याचार किया।
सत्य, अहिंसा के आधार पर राजनीति
भागवत ने कहा कि हमारे देश में राजनीति को लेकर कई प्रयोग हुए, महात्मा गांधी ने सत्य और अहिंसा के आधार पर राजनीति की कल्पना की। जिनका सूर्य कभी अस्त नहीं होता था ऐसे अंग्रेजों का सामना गांधी जी ने निहत्थे खड़े होकर सिर्फ अपने नैतिक बल के आधार पर किया।
निशाने पर पाकिस्तान
उन्होंने कहा कि हम दुनिया में किसी से शत्रुता नहीं करते लेकिन हमसे शत्रुता करने वाले कई लोग हैं, हमें उनसे सतर्क रहने की जरूरत है। ऐसे लोगों से बचने का एक ही तरीका है कि हम इतना बलवान बने कि किसी की आक्रमण करने की हिम्मत ही न पड़े। उनका ये इशारा पाकिस्तान की ओर समझा जा रहा है। पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए मोहन भागवत ने आगे कहा कि पड़ोस में सरकार बदल गई लेकिन उनकी नीयत नहीं बदली।
चीन को भी घेरा
इस दौरान उन्होंने बिना नाम लेते हुए चीन पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कुछ शक्तियां मालदीव, श्रीलंका को अपनी तरफ करने की कोशिश कर रही हैं। भागवत ने कहा कि कई तरह के सुरक्षा उत्पादनों की खरीदी व्यापारिक दांव-पेंच का हिस्सा होती है, इस लेन-देन के तरीके को बंद ना करें, बल्कि उसे इस तरह चलाएं कि अपनी सुरक्षा के लिए किसी पर निर्भर ना रहना पड़े। हमें अपने देश में ही सुरक्षा से जुड़ी चीजों को बनाना चाहिए। उन्होंने कहा, सैनिक सीमा पर अकेले हैं। उनकी सुरक्षा और उनकी परिवारों की सुरक्षा का दायित्व हमारा है। गोली का जवाब गोली से देने वालों की हिम्मत रखने वालों की चिंता कौन करेगा। इस बार में शासन प्रशासन द्वारा अनेक कदम उठाए गए हैं, इसकी गति बढ़ाए जाने की जरूरत है।
अर्बन नक्सलियों पर बड़ा हमला
इस दौरान मोहन भागवन ने वामपंथियों और अर्बन नक्सलियों पर बड़ा हमला बोला है। वामपंथियों को निशाने पर लेते हुए भागवत ने कहा, कुछ लोग हैं जो भारत के टुकड़े होने की बात करते हैं, संविधान को नहीं मानना चाहते, जो आतंकवादियों से संबंध रखते हैं। उन्होंने आगे कहा कि माओवाद हमेशा अर्बन ही रहा है, ये लोग समाज के उपेक्षित तबके का लाभ उठाते हैं, अभावग्रस्त छात्रों को भड़काते हैं। ये अर्बन नक्सली नए लोग जो उनके इशारे पर काम करें उन्हें स्थापित करने की कोशिश करते हैं। भागवत ने कहा कि हमारे देश में असंतोष है और उसके खिलाफ चल रहे आंदोलन में ये भी शामिल हो रहे हैं। सोशल मीडिया पर इसका प्रचार चल रहा है जिसका कंटेंट पाकिस्तान, इटली से चलता है। इसे निओ लेफ्ट कहते हैं जिसका प्रचलित शब्द है अर्बन माओवाद। माओवाद हमेशा से अर्बन रहा है।
सबरीमाला मुद्दे पर बोले भागवत
केरल के प्रसिद्ध सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश को लेकर छिड़ी जंग पर भागवत ने कहा कि स्त्री और पुरुष के बीच समानता अच्छी बात है, लेकिन इतने सालों से चली आ रही परंपरा और उसका पालन करने वालों लोगों की भावना का सम्मान नहीं किया गया, उनकी नहीं सुनी गई। उन्होंने कहा कि धर्म के मामलों में संबंधित धर्म के धर्माचार्यों से बातचीत करना आवश्यक होता है। सबको साथ लेकर भी धीरे-धीरे बदलाव किया जा सकता है।