तीसरे सवाल में ही दम फूल गई

प्रदेश में चुनावी बयार है, हर आमो-खास पर इसका चढ़ता खुमार भी परवान पर है। राजनैतिक दल भी अपनी कमीज को ज्यादा उजला बताकर मतदाताओं को एक बार फिर सब्ज बाग दिखाने की पूरी तैयारी में तल्लीन हैं। ऐसे में प्रदेश की एक बड़ी राजनीतिक पार्टी से दूसरी पार्टी पर हल्ला बोलने का 40 दिवसीय अखंड प्लान बना लिया और प्रश्न पूछने का सिलसिला शुरू भी हो गया। खबरनवीसों को लगा जैसे इस सिलसिले में उनके हाथ भी कोई बड़ा मुद्दा लग जाएगा। लेकिन 40 दिन तक सवाल पूछकर सत्ता हथियाने का ख्वाब देखने वाली पार्टी की रिसर्च विंग इतनी कमजोर निकली कि तीसरे दिन आते-आते तक सवाल और मुद्दे ही फुस्स हो गए। पार्टी वही सवाल पूछ रही है जो हर संवाददाता सम्मलेन में बयान के रूप में आते हैं। इस लचर प्रदर्शन से बड़े साहब नाराज हो रहे हैं, उन्होंने अब बाकायदा मीडिया के ही कुछ लोगों को हायर किया है, जो सरकार की कमजोरी बताएंगे। इस पर पार्टी के ही दूसरे नेता कह रहे हैं ये प्लान भी फेल होगा। यदि किसी पत्रकार के पास इतनी बड़ी कोई जानकारी होती तो वो फिर साहब की पार्टी के साथ क्यों जुड़ता? – खबरची