सीबीआई में जारी घमासान के लिए प्रधानमंत्री जिम्मेदार : चव्हाण

 

नई दिल्ली, 24 अक्टूबर। यूपीए सरकार में प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) में राज्य मंत्री रहे कांग्रेस नेता पृथ्वी राज चव्हाण ने मंगलवार को कहा कि सीबीआई में जारी घमासान के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार जिम्मेदार है। चव्हाण ने मौजूदा विवाद में केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) की भूमिका पर भी सवाल उठाए। गौरतलब है कि सीबीआई के निदेशक आलोक वर्मा और विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के बीच पिछले कई महीनों से जारी विवाद अब गहरा गया है। पिछले दिनों सीबीआई ने भ्रष्टाचार के एक मामले में अस्थाना के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की और इस सिलसिले में अपने ही एक डीएसपी को गिरफ्तार भी किया। चव्हाण ने मुंबई से फोन पर पीटीआई-भाषा से कहा ”सबसे पहला सवाल यह है कि सीबीआई की ओर से दर्ज भ्रष्टाचार के मामलों में आरोपी होने और सीबीआई निदेशक की ओर से ऐतराज जताने के बावजूद गुजरात कैडर के आईपीएस अधिकारी राकेश अस्थाना को सीबीआई में अतिरिक्त निदेशक बनाया क्यों गया?ÓÓ चव्हाण ने कहा, ”दूसरा सवाल है कि अस्थाना के खिलाफ सीबीआई जब आपराधिक मामलों की जांच कर रही थी तो उन्हें विशेष निदेशक के पद पर तरक्की कैसे दी गई? सीबीआई में अस्थाना की नियुक्ति और फिर तरक्की को सीवीसी ने मंजूरी कैसे दे दी?ÓÓ सीबीआई के प्रशासनिक मंत्रालय के तौर पर काम करने वाले कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) के प्रभारी रह चुके चव्हाण ने कहा, ”आखिर किसकी शह पर या किसके दबाव में सीवीसी ने यह मंजूरी दी थी?ÓÓ महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा ”यह बहुत गंभीर मामला है। किसी को तो इसका जवाब देना होगा। साफ है कि सीबीआई में अस्थाना की नियुक्ति राजनीतिक वजहों से की गई।ÓÓ उन्होंने यह भी कहा कि इस बात की जांच होनी चाहिए कि क्या सीबीआई निदेशक आलोक वर्मा को एजेंसी में दूसरे सबसे वरिष्ठ अधिकारी अस्थाना के खिलाफ ”सख्त कदमÓÓ उठाने के लिए सरकार में कहीं से कोई समर्थन मिल रहा है ? चव्हाण ने कहा, ”सभी जानते हैं कि अस्थाना की नियुक्ति राजनीतिक है। वह प्रधानमंत्री के करीबी माने जाते हैं। फिर सीबीआई निदेशक को उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए कहीं से कोई समर्थन मिल रहा है क्या?ÓÓ उन्होंने यह सवाल भी किया कि मौजूदा सरकार अहम पदों पर सिर्फ गुजरात कैडर के अधिकारियों की नियुक्ति क्यों कर रही है। उन्होंने कहा, ”क्या इसके पीछे कोई हीन-भावना है या फिर भाषा का सवाल है?ÓÓ