…तो मप्र के 30 विधायकों के टिकट कटेंगे


( सुनील दत्त तिवारी, 9713289999)
भोपाल, २४ नवंबर। भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश इकाई ने विधानसभा चुनावों के लिए अपने 230 संभावित उम्मीदवारों की सूची फाइनल कर दी है। इसके बाद पार्टी डैमेज कण्ट्रोल की तैयारी में लग गयी है। जिला स्तर पर रायशुमारी करने के और संगठन के राष्ट्रीय प्रभारी रामलाल के साथ भोपाल में उच्च स्तरीय कोर कमेटी ने सभी पहलुओं पर विचार करते हुए जीत की प्रबल संभावना वाले प्रत्याशी का ही नाम सूचीबद्ध किया है। चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर इस सूची को लेकर सोमवार रात ही दिल्ली चले गए हैं। इस बार टिकट वितरण में संघ की रिपोर्ट की अहम भूमिका रही है। हालांकि संघ की ओर से किसी नेता विशेष के नाम पर जोर नहीं दिया गया, फिर भी भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के प्रवास के दौरान संघ अपनी रिपोर्ट दे चुका है। शाह के दखल के बाद ही मप्र भाजपा ने संघ की रिपोर्ट पर अमल करना शुरू किया। विधानसभा चुनाव जीतने के लिए भाजपा इस बार नए चेहरों पर दांव लगाने की तैयारी में है। इस लिहाज से 30 से 35 वर्तमान विधायकों की टिकट काटी जाने की तैयारी है और डेढ़ दर्जन से ज्यादा विधायकों की सीट बदली जा रही है। सबसे ज्यादा टिकटों की कटौती संघ के गढ़ मालवा-निमाड़ में होगी, जहां भाजपा के पास 56 सीटें हैं। इनमें से करीब 15 विधायकों के टिकट काटे जा सकते हैं। साथ ही मध्यभारत क्षेत्र में भी विधायकों के टिकट काटने पर मंथन चल रहा है। मध्यभारत जिसमें भोपाल, ग्वालियर-चंबल संभाग भी आते हैं। भोपाल, होशंगाबाद में 36 विधानसभा सीटों में से 29 भाजपा एवं 6 कांग्रेस के पास हैं। इसी तरह ग्वालियर-चंबल में 34 सीटों में से 20 सीट भाजपा एवं 12 सीट कांग्रेस के पास है। संघ एवं भाजपा के सर्वे में इन क्षेत्रों में पार्टी की हालत सबसे खराब है। ऐसे में यह तय किया गया कि कार्यकर्ता एवं जनता की नाराजगी दूर करने के लिए ज्यादा से ज्यादा विधायकों के टिकट काटे जाएंगे। भाजपा और संघ पदाधिकारियों के बीच हुई गोपनीय बैठक में तय किया गया है कि गढ़ बचाने के लिए इस बार आधे से ज्यादा मौजूदा विधायकों के टिकट काटे जाएंगे। खासकर आपराधिक छवि के विधायकों की तो हर हाल में छुट्टी होना तय है।
दिल्ली की टीम ने मध्यप्रदेश में डाला डेरा, प्रत्येक विधानसभा के लिए नियुक्त किए एक प्रभारी: मध्यप्रदेश में विधानसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है। भाजपा और कांग्रेस पूरी ताकत के साथ चुनावी रण में उतर चुकी है। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के निर्देश पर मध्यप्रदेश की सभी 230 विधानसभा सीटों के लिए एक-एक प्रभारी को तैनात किया गया है। उन्होंने अपना काम भी शुरू कर दिया है। पार्टी सूत्रों की माने तो विधानसभा के प्रभारी चुनाव से जुड़ी सभी जानकारी केंद्रीय नेतृत्व को उपलब्ध कराएंगे। टिकट के बंटवारे से पहले विधानसभा के प्रभारियों को अपनी रिपोर्ट केंद्रीय चुनाव समिति को सौंपनी होगी। यदि किसी सीट पर मौजूदा विधायक का विरोध है तो विधानसभा प्रभारियों के सुझाव पर टिकट काटी जा सकती है। विधानसभा के प्रभारियों ने संभावित उम्मीदवारों से भी संपर्क बनाना शुरू कर दिया है। जिन बूथों पर भाजपा की स्थिति कमजोर है, उनके लिए विशेष रणनीति तैयार की जा रही है। बूथ स्तर के पदाधिकारियों के साथ पेज प्रमुख और हॉफ पेज प्रमुख बनाए गए हैं। जो कि मतदाताओं से संपर्क करके भाजपा के पक्ष में मतदान करने का आग्रह करेंगे।