फर्जी पर्चियों के सहारे हो रहा लाखों की रेत का कारोबार

रायसेन, 25 अक्टूबर। नर्मदा नदी के तट से रेत का अवैध उत्खनन और परिवहन लंबे समय से चल रहा है। इसको रोकने के लिए राजस्व विभाग के अधिकारियों ने सिलवानी,उदयपुरा रोड पर चैक पोस्ट बनाकर चैकिंग कर छह ट्रैक्टर-ट्रालियों को जब्त करने के बाद तहसील कार्यालय में खड़ा करवाया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार बुधवार की सुबह 6 बजे उदयपुरा तहसीलदार सरोज अग्निवंशी, नायब तहसीलदार ललित नारायण तिपाठी, पटवारी चंद्रभान सिलावट सिलवानी रोड पर ब्लाक आफिस के पास चैक पोस्ट बनाकर रेत से भरे वाहनों की चैकिंग की गई।
यहां पर चैकिंग शुरू होते ही रेत माफियाओं में हड़कंप मच गया। कार्रवाई से बचने के लिए रेत से भरे डंपर और ट्रैक्टर-ट्रालियों को कार्रवाई वाले स्थान से पहले ही रोककर उन्हें सुरक्षित स्थानों पर खड़ा करवा दिया गया। फिर भी राजस्व अधिकारियों ने रेत से भरी छह ट्रैक्टर-ट्रालियों की पकड़ लिया। इनके पास न तो रायल्टी के कागज मिले और न ही अन्य कोई दस्तावेज उनके पास पाया गया। ऐसी स्थिति में इन ट्रैक्टर-ट्रालियों को जब्त करने के बाद तहसील कार्यालय में लाकर खड़ा करवा दिया है। इन ट्रैक्टर-ट्रालियों के ड्राइवरों से पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों की माने तो इन वाहनों के मालिकों पर 25-25 हजार रुपए तक का जुर्माना हो सकता है।
अवैध रायल्टी पर्ची से हो रहा है रेत का परिवहन:-राजस्व अधिकारियों ने जब रेत से भरे ट्रैक्टर-ट्रालियों को रोककर जांच पड़ताल की गई तो उनके पास रायल्टी की अवैध पर्चिया मिली है, जिनकी जांच कराई जा रही है। सादे कागज की पर्चियों पर नर्मदा तट से रेत भरने की अनुमति देने की बात सामने आई है। यह फर्जी पर्चियों नर्मदा के बौरास और केतोघान घाट के लिए जारी की गई है। इन पर्चियों की भी राजस्व अधिकारियों द्वारा जब्ती बनाई गई है।
बड़े पैमाने पर हो रहा है रेत का अवैध उत्खनन:-नर्मदा के तटों पर रेत का अवैध उत्खनन और परिवहन चल रहा है। यहां से बिना रायल्टी चुकाए रेत भरकर ले जाई जा रही है, जिससे शासन को लाखों रुपए का नुकसान रोज हो रहा है। चुनाव की आचार संहिता लगने के कारण ग्राम पंचायतों को रेत उत्खनन के अधिकार नहीं मिल पाए है, जिससे पंचायतें रायल्टी की राशि वसूल नहीं कर पा रही है। इसका फायदा रेत माफिया उठा रहे है, वे अवैध तरीके से नर्मदा के तटों पर उत्खनन करवा रहे है और रेत बेच रहे हैं।
इनका कहना है…
रेत का अवैध परिवहन रोकने के लिए सुबह के समय डंपर और ट्रैक्टर-ट्रालियों की जांच पड़ताल की गई,जिनके पास दस्तावेज नहीं मिलने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की गई। इनके मालिकों के खिलाफ प्रकरण बनाकर उन पर जुर्माना लगाया जाएगा।
– ललित नारायण त्रिपाठी,
नायब तहसीलदार उदयपुरा