दोपहर तक बंद रहा शहर का बाजार

राष्ट्रीय हिन्दी मेल नेटवर्क
विदिशा, २५ अक्टूबर। सनातन श्री ङ्क्षहदू उत्सव समिति सहित अन्य हिंदूवादी संगठनों ने दशहरे की रात पुलिसिया कार्यवाही को बर्बरतापूर्ण बताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही करने के लिए निर्वाचन आयोग से शिकायत की थी। 24 घंटे में कार्यवाही न होने के बाद बुधवार को शहर बंद का आव्हान किया गया। सुबह से ही दोपहर एक बजे तक शहर का बाजार बंद रहा। समिति सदस्यों का दावा है कि बंद पूरी तरह सफल रहा।
दशहरे की रात दुर्गा चल समारोह के दौरान आधी रात के वक्त जो भी गतिविधि रही। उसके चलते पुलिस द्वारा किए गए बल प्रयोग और लाठीचार्ज के साथ-साथ हिंदू उत्सव संचालन समिति के पदाधिकारियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं को तोडऩे के मामले में मुकदमा दर्ज किया गया था। इन कार्यवाहियों के विरोध में समिति की ओर से प्रशासन और पुलिस पर आरोप लगाते हुए कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह, एसपी विनीत कपूर, एसडीएम चंद्रप्रकाश गोहिल और दोनों थानों के टीआई के खिलाफ कार्यवाही करते हुए जिले से बाहर करने की मांग की गई थी। इस कार्यवाही को पूर्ण करने के लिए 24 घंटे का वक्त दिया गया था। यह वक्त बीत जाने के बाद मंगलवार की दोपहर को समिति की बैठक बुलाई गई। जिसमें सर्वसम्मति से बुधवार को बाजार बंद करने का निर्णय लिया गया। बुधवार की सुबह 8 बजे से समिति के सदस्य पैदल और दुपहिया वाहनों पर निकलकर व्यापारियों से बंद का समर्थन करने की अपील कर रहे थे। जिन व्यापारियों से सहयोग नहीं मिला, उन्हें फूल मालाएं पहनाई गईं। इस बंद के दौरान विदिशा व्यापार महासंघ, अनाज तिलहन महासंघ, सब्जी मंडी सहित अन्य संगठनों ने समर्थन किया।
समिति के अध्यक्ष संजीव शर्मा का कहना है कि तथाकथित नियम थोपकर उन्हें तोडऩे के विरूद्ध झूठे मुकदमे, श्रद्धालुओं और ग्रामीणजनों के साथ झांकी के सदस्यों को दौड़ा-दौड़ाकर मारा था। इसी के विरोध में बंद बुलाया गया था। उन्होंने बताया कि चूंकि बुधवार को त्यौहार है, जिसके चलते बंद को सिर्फ दोपहर तक रखा गया। अभी भी हमारी मांगों पर गौर नहीं किया गया है। जल्द ही अमल नहीं होता तो चुनाव बहिष्कार के बारे में भी समिति कुछ कड़ा कदम उठा सकती है।