काम में ढिलाई पर सीएम योगी ने दी अधिकारियों को हिदायत

लखनऊ, 27 अक्टूबर। भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सभी आनुसांगिक संगठनों के साथ हुई बैठक के बाद मिले फीडबैक से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी खुश नहीं हैं। उन्हें भी शिकायत मिल रही है कि तमाम विभागों में विकास के काम बजट खर्च न होने की वजह से पूरे नहीं हो पा रहे हैं। सीएम ने इसके बाद गुरुवार को एक साथ कई विभागों के विकास कार्यों की समीक्षा की और सभी प्रमुख सचिवों को सख्त हिदायत भी दी कि वे समय से काम निपटाएं। सीएम खास तौर पर बजट स्वीकृतियों में देरी पर नाराज थे। उन्होंने बजट स्वीकृतियां जल्द जारी करने और उपयोगिता प्रमाण केंद्र को भेजने के निर्देश दिए। सीएम को रिपोर्ट मिली थी कि विकास कार्यों के लिए आवंटित बजट में 32 सरकारी विभागों ने छह महीने के भीतर सिर्फ 31 फीसदी ही बजट खर्च किया है। इनमें अधिकांश विभाग वे हैं जिनका बजट 1000 करोड़ या उससे ज्यादा है। आंकड़ों के अनुसार सरकार के स्वीकृत 3.31 लाख करोड़ बजट की तुलना में सिर्फ 1.03 लाख करोड़ बजट ही छह महीने के भीतर खर्च हो पाया है। लोकसभा चुनाव 2019 को ध्यान में रखते हुए विभागों को सरकारी बजट समय से खर्च करके रिजल्ट देना था लेकिन कई जगह फाइलें आगे नहीं बढ़ पा रहीं तो कई विभागों में वित्तीय स्वीकृतियां ही अटकी हुई हैं, जिन विभागों में विकास कार्यों में बजट खर्च करने में ढिलाई बरती है, उनमें शिक्षा, कृषि, ऊर्जा, औद्योगिक विकास, नगर विकास, नागरिक उड्डयन, वन, अल्पसंख्यक कल्याण और लोक निर्माण विभाग शामिल हैं। विभागों को तो सितंबर तक 2.09 लाख करोड़ का बजट आवंटित कर दिया गया था, पर वह सिर्फ 49 फीसदी ही खर्च कर पाए। इनमें से भी 39,104 करोड़ वेतन-भत्तों पर खर्च किया गया था। सीएम ने सिंचाई विभाग की योजनाओं की भी समीक्षा की। खासतौर पर तीन राष्ट्रीय परियोजनाओं पर चर्चा हुई। इसमें सरयू नहर परियोजना, मध्य नहर गंगा परियोजना और अर्जुन सहायक परियोजनाएं शामिल हैं। इन परियोजनाओं को पिछली सरकारों ने बंद कर रखा था।