डायमंड इंडस्ट्री से जुड़े लोगों पर मंडरा रहे बेरोजगारी के बादल

नई दिल्ली, 27 अक्टूबर। हीरा कारोबार से जुड़े लोगों पर बेरोजगारी के भयंकर बादल मंडरा रहे हैं। जानकारों का मानना है कि अगले 6 महीनों में देश की डायमंड इंडस्ट्री से जुड़े हर पांच में एक शख्स के बेरोजगार होने का डर है। इंडस्ट्री के सीनियर एग्जिक्यूटिव्स ने बताया कि कट और पॉलिश्ड डायमंड पर इंपोर्ट ड्यूटी बढऩे से री-कटिंग और री-डिजाइन का कारोबार चीन और थाइलैंड जैसे प्रतिस्पर्धी बाजारों में शिफ्ट हो रहा है। जूलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (जीजेईपीसी) के वाइस चेयरमैन कोलिन शाह ने इस बारे में बताया, अगली दो तिमाहियों में ड्यूटी बढऩे, कारोबारी मुश्किलों और नकदी की कमी से सूरत में करीब 1 लाख लोगों की नौकरियां जाने का डर है। पहले देश में जो डायमंड री-कटिंग के लिए आते थे, वे अब चीन और थाइलैंड जा रहे हैं। इंडस्ट्री के अनुमानों के मुताबिक, देश में करीब 5 लाख लोग डायमंड ट्रेड से जुड़े हैं। सरकार ने करंट अकाउंट डेफिसिट (सीएडी) कम करने के लिए गैर-जरूरी उत्पादों पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने का फैसला किया था और 26 सितंबर को कट और पॉलिश्ड डायमंड्स पर इंपोर्ट ड्यूटी को 5 से बढ़ाकर 7.5 फीसदी कर दिया गया था। शाह ने कहा, कैश की कमी से कोई राहत नहीं मिल रही है क्योंकि कोलैटरल नॉर्म्स और रेटिंग नॉर्म्स कड़े हो गए हैं। मौजूदा वित्त वर्ष के पहले 6 महीने में कट और पॉलिश्ड डायमंड का आयात 31.83 फीसदी गिरकर 5,289.35 करोड़ रुपए रह गया। वहीं, पिछले साल समान अवधि में यह 7,759.48 करोड़ रुपए था। शाह का कहना है कि इंडस्ट्री के पास बिजनेस चलाने के लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधन नहीं हैं। उन्होंने कहा, ‘डॉलर के मुकाबले रुपए की कमजोरी ने नकदी की समस्या और बढ़ गई है। सूरत में कटाई और पॉलिशिंग यूनिट ने मुनाफे को बनाए रखने के लिए दिवाली की छुट्टी एक पखवाड़े पहले ही दे दी है।