विनय मेहर और जयश्री हरिकरण के बीच कांग्रेस में फंसा पेंच

राजनीतिक संवाददाता
भोपाल /बैरसिया। मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए अधिसूचना जारी होने में अब खुछ ही दिन शेष हैं। लिहाजा सभी राजनैतिक पार्टियां अपने अपने प्रत्याशियों की सूची को अंतिम रूप दे रही हैं,प्रत्याशी घोषित करने की गहन-मंत्रणा के आखिरी चरण में है। अनूसूचित जाति के लिये आरक्षित विधानसभा क्रमांक 149 बैरसिया की जो कि भारतीय जनता पार्टी का हमेशा ही मजबूत गढ़ रहा है और अभी तक हुए 1956 से वर्ष 2013 तक हुये 13 विधानसभा चुनावों में से मात्र 2 बार ही 1957 एवं 1998 मे कांग्रेस जीतने मे सफल हो सकी है अन्यथा 11 बार के विधानसभा चुनाव में अखिल भारतीय हिन्दू महासभा,जनअभेद्य गढ़ रहा है।
जिस पर सदेव कांग्रेस को पराजय का मुंह देखना पड़ा है। यद्दपि आगामी विधानसभा चुनाव 2018 मे बैरसिया विधायक बिष्णु खत्री के कार्यकाल से आम जनता में नाराजगी स्पष्ट दिखाई दे रही है। स्थानीय प्रत्याशी के प्रति वह लहर देखने को मिल रही जो पूर्व में कभी नही थी। अगर कांग्रेस नेतृत्व टिकिट वितरण मे पूर्व विधानसभाओं मे हुई गलतियों को ना दोहराये व जनता की स्थानीय मांग की नब्ज को पढ़कर फैसला करे तो आगामी विधानसभा मे भाजपा के इस अअजेय किले को कांग्रेस सेंध लगा सकती है। वैसे इस बार कांग्रेस की और से दो दावेदार चुनावी मैदान में अपनी दावेदारी कर रहे हैं और सूत्रों के मुताबिक इन्हीं दोनों के बीच ही कांग्रेस की उम्मीदवारी तय होगी। इन दोनों प्रत्याशियों के बीच क्या क्या मजबूत और क्या कमजोर पक्ष होंगे उस पर एक नजर डालते हैं।
विनय मेहर
बैरसिया विधानसभा के ही एक गांव खितवास के रहने बाले युवा हैं जो तेजी से क्षेत्र मे लोकप्रिय हुये हैं एवं युवा निर्विवाद चेहरे के साथ विधायक विष्णु खत्री व भाजपा कुशासन की पोल खोलने के लिये इनके द्वारा परिवर्तन रथ चलाया गया था, जिसके माध्यम से स्थानीय व्यक्ति ही बैरसिया विधायक हो इस मांग पर सैकड़ों लोगों ने इनके नेतृत्व मे भाजपा छोड़ कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की थी। कांग्रेस द्वारा इन्हे प्रत्याशी बनाया गया तो बैरसिया में जनता द्वारा की जा रही स्थानीय व्यक्ति की व्यापक मांग को भुनाया जा सकता है विधानसभा के दर्जनों सरपंच-जनपद सदस्यों द्वारा इनको प्रत्याशी बनाने की मांग का अधिकृत लेटर कांग्रेस के सभी वरिष्ठ नेताओं को सोंपा जा चुका है। लगातार रूप से सामाजिक व सांस्कृतिक कार्य करते रहते हैं 15 अगस्त पर विशाल तिरंगा यात्रा,जन्माष्टमी पर मटकी फोड़ से लेकर भाजपा के विरोध में प्रदर्शन,बैलगाङ़ी यात्रा व तरावली हरसिद्धि मंदिर पर श्रृद्धालुओं को प्रसादी वितरण करने बाले विनय मेहर के पिता स्वर्गीय काशीराम मेहर जब ग्राम पंचायत खितवॉस के सरपंच थे तब पंचायत को विकास के लिये राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। कांग्रेस की गुटीय परंपरा से दूर हैं। संगठन के लिए समर्पित हैं और इनकी पैरवी करने के लिए इन्होने कोई गॉडफादर नहीं बनाया। लिहाजा यदि कांग्रेस प्रदर्शन को दरकिनार कर गुटबाजी की सिफारिश में टिकट वितरण करेगी तो विनय पीछे रह जायेंगे।
जयश्री हरिकरण अहिरवार
यह विधानसभा से बाहर की निवासी हैं जो वर्तमान मे बैरसिया विधानसभा की मतदाता सूची मे अपना नाम दर्ज करवाये हुये है। महिला जिला ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष होने के उपरांत भी महिलाओं को जोङऩे और सत्ताधारी दल के विरुद्ध कोई भी आंदोलन खड़ा करने में अब तक सफल नहीं हुई हैं। पिछले डेढ़ महीने से ही सक्रियता बढ़ी है।
कांग्रेस के एक गुट विशेष का वरदहस्त इन्हे प्राप्त है। यदि पार्टी ने प्रदर्शन की जगह सिफारिश को तवज्जो दी तो उसमे शायद जयश्री बाजी मार ले जाएं। वर्ष 2010 मे जिला पंचायत सदस्य के वार्ड क्रमांक 9 से चुनाव लड़ीं किंतु बुरी तरह पराजित होकर लगभग तीसरे स्थान पर रहीं।
बैरसिया में स्थानीय प्रत्याशी की लहर देखने को मिल रही है और यह मूलत: विधानसभा से बाहर की निवासी है स्वयं कांग्रेस संगठन के जमीनी कार्यकर्ताओं के मध्य ही इनका विरोध दिखाई देता है,साथ ही ग्रामीण जनों से इनकी दूरी होना मुख्य कमजोर पक्ष है। इसके अलावा बैरसिया का मतदाता कोई नया जमीनी नेतृत्व चाहता है।