बीएमएस ने सौंपी जांच रिपोर्ट, विस्फोटकों से भरी थी छत

परासिया, 28 अक्टूबर। नेहरिया कोयला खदान में दुर्घटना में चार कामगारों की मौत के बाद बीएमएस की उच्च स्तरीय कमेटी ने खदान का निरीक्षण किया था। इस निरीक्षण के बाद बीएमएस ने अपनी जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की। कोल इंडिया सेफ्टी बोर्ड के मेंबर बीके राय के साथ वेकोलि सेफ्टी कमेटी, पिट सेफ्टी कमेटी और एरिया सेफ्टी कमेटी के सदस्यों ने खदान में दुर्घटना स्थल का निरीक्षण किया था। आज बीएमएस कार्यालय में अखिल भारतीय कोयला मजदूर संघ के अध्यक्ष बीके राय ने जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि नेहरिया खदान में सुरक्षा और सपोर्ट व्यवस्था ध्वस्त थीं।
अखिल भारतीय खदान मजदूर संघ के अध्यक्ष बीके राय, वेकोलि सेफ्टी कमेटी के सदस्य नारायण राव सराठकर, बीएमएस महामंत्री कुंवर सिंह, संगठन मंत्री शिवदयाल बिसन्दरे, कोषाध्यक्ष धर्मेंद्र मिश्रा, कार्यालय मंत्री भुवनेष्वर सिंह ने एक संवाददाता सम्मेलन में खदान में हुई सुरक्षा की चूक की जानकारी दी। खदान के मैनेजर को उन्होंने सबसे कमजोर कडी बताया। गौरतलब है कि खदान के मैनेजर अभिकांत खोब्रागडे के कार्यकाल का यह दूसरा हादसा है जिसमें लोगों की जान गई है। बीते आठ सालों से वे खदान में तैनात है। एक ही मैनेजर के एक ही खदान में तैनाती को लेकर प्रबंधन भी संदेह के दायरे में है। जांच टीम ने बताया कि खदान जाने से पहले उन्होंने सिस्टेमेटिक सपोर्ट रूल, माईनिंग सरदार, वर्कमैन इंस्पैटर की रिपोर्ट मांगी थी। लेकिन एसएसआर के अलावा कुछ नहीं दिया गया।
एसएसआर के अनुसार नहीं है सपोर्ट
उन्होंने बताया कि खदान में सिस्टेमेटिक सपोर्ट रूल के अनुसार सपोर्ट किया जाना था। लेकिन इसका पालन नहीं किया गया। खदान के अंदर सपोर्ट के लिए मटेरियल तक नहीं था। दुर्घटना स्थल पर गोप एरिया का सपोर्ट नहीं था। एज पर सपोर्ट नहीं था। नियम कहता है कि डिपिलरिंग एरिया में स्किन टू स्किन सपोर्ट किया जाए लेकिन खदान में ऐसा नहीं किया गया। एंकर टेस्टिंग मषीन खदान में नहीं दिखी। इससे छत को आधार देने वाले बोल्ट को चैक किया जाता है। जो छत गिरी उसके किसी भी हिस्से में सपोर्ट के लिए लगाई जाने वाली राड नहीं थी।
वर्किंग में भी गडबडी
खदान में लौटते समय पिलर तोडकर कोयला निकालने का काम डिपिलरिंग का काम किया जा रहा था। इसमें पिलर को स्पलिट कर डायगोनल लेकर कोयला निकाला जाता है। खदान में इस नियम का पालन नहीं किया गया। पहला पिलर स्पलिट करने के बाद दूसरे पिलर को छीला जाने लगा। जिससे दुर्घटना स्थल पर लगभग 90 वर्ग मीटर का खुला इलाका बन गया। यहां सपोर्ट नहीं था। लांग रूफ बोल्ट सपोर्ट भी नहीं था। जिससे बडी चट्टान गिर गई और चार मजदूरों की मौत हो गई।
वेंटिलेषन अधिकारी को नहीं मालूम खदान का रास्ता
एबीकेएमएस के अध्यक्ष बीके राय ने बताया कि खदान जाने के लिए उनकी टीम को वेंटिलेषन आफिसर के साथ भेजा गया। वेंटिलेषन आफिसर चार साल से खदान में तैनात है। सबसे बडी गडबडी यही है कि इस अधिकारी को दुर्घटना स्थल और खदान का रास्ता ही नहीं मालूम। खदान जाकर काम करने की आदत अधिकारियों में नहीं है।
खदान के किसी हिस्से पर नहीं है रिमार्क
खदान की जांच करने वाली टीम की ओर से बीके राय ने बताया कि खदान में अंदर जाने के लिए मैन राईडर चेयर कार है। जो तीन महिने से बंद है। यह रुकती ही नहीं है। ट्रेवलिंग रोड में लाइट नहीं है। खदान के किसी भी सेक्षन में रिमार्क नहीं लिखा है कि यह कौन सा सेक्षन है। रेग्युलेषन के अनुसार वर्किंग प्रोसिजर को लिखित में नहीं बनाया गया।
चुनाव में न बुलाया जाए माईनिंग स्टाफ
उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने पूरे माइनिंग स्टाफ को बुला लिया। जिससे खदान में एक आदमी तीन लोगों का काम कर रहा है। यह दुर्घटना को आमंत्रण है। उन्होंने कहा सुपरवाईजरी स्टाफ की ड्यूटी चुनाव में लगाने का बीएमएस विरोध कर निंदा करती है। बीएमएस महामंत्री ने कलेक्टर को इसको लेकर पत्र भी लिखा है।