दिग्विजय और अजय सिंह से लड़ पड़े ज्योतिरादित्य सिंधिया

रजत परिहार
नई दिल्ली, 28 अक्टूबर। मध्यप्रदेश के 230 विधानसभा क्षेत्रों के लिए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के निर्देश पर दिल्ली में आज केन्द्रीय चुनाव समिति जिसमें उम्मीदवारों का चयन किया जा रहा है, की लंबी बैठक पूरे दिनभर चली। मध्यप्रदेश के प्रभारी मधुसूदन मिस्त्री के सामने चली केन्द्रीय चुनाव समिति की बैठक में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ, चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष ज्योतिरादित्य सिंधिया, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह तथा मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह विशेष रूप से अपना- अपना पक्ष रखते हुए अपने- अपने समर्थक उम्मीदवारों के लिए अड़े हुए थे। सूत्रों के अनुसार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ, दिग्विजय सिंह और अजय सिंह के मामले में मौन स्वीकृति प्रदान करते जब चुप रहते थे तब ज्योतिरादित्य सिंधिया कई बार उखड़ जाते। कांग्रेस ने अभी तक मध्यप्रदेश के मात्र 80 विधानसभा क्षेत्रों में उन उम्मीदवारों के नाम तय कर लिए हैं जहां कोई विवाद नहीं था, लेकिन 150 विधानसभा क्षेत्रों के लिए जितनी माथापच्ची इस बार केन्द्रीय चुनाव समिति में देखी गई ऐसा कांग्रेस में पहले कभी नहीं हुआ। सूत्रों के अनुसार ज्योतिरादित्य सिंधिया ने दिग्विजय सिंह और अजय सिंह की दलीलों को कई विधानसभा क्षेत्रों में खारिज कर दिया और कहा कि दिग्विजय सिंह जी और मिस्टर अजय सिंह इस बात को मत भूलिए कि मध्यप्रदेश में इस बार चुनाव मुद्दों पर नहीं प्रत्याशियों के चेहरे पर लड़ा जाएगा। बताया जाता है कि जब अजय सिंह बुंदेलखंड और विंध्यप्रदेश के विधानसभा क्षेत्रों के लिए अपना एकाधिकार जताया तो ज्योतिरादित्य सिंधिया उनसे लड़ पड़े और यहां तक कहा ‘माइंड युवर लैंग्वेजÓ। सिंधिया का स्पष्ट कहना था अपने- अपने गुट की परवाह मत कीजिए, मर्यादा में रहिए और जिताऊ उम्मीदवारों को आगे आने का मौका दीजिए। सिंधिया का गुस्से में इस तरह पहली बार दिग्विजय सिंह और अजय सिंह के खिलाफ उखड़ जाने को मधुसूदन मिस्त्री ने सही ठहराया और कहा कि ज्योतिरादित्य सिंधिया की बात को सभी सदस्य पूरी गंभीरता से लें, इसी में कांग्रेस की बेहतरी है।