टिकट बंटवारे में शिवराज और तोमर की ही चलेगी

हृदेश धारवार-9755990990
भोपाल, २९ अक्टूबर। मध्यप्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए आज प्रदेश भाजपा कार्यालय में टिकट के बंटवारे को लेकर शाम से लेकर देर रात तक चुनाव प्रबंधन समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। पार्टी सूत्रों की माने तो बैठक में करीब 90 मौजूदा विधायकों के टिकट काटे जाने पर सहमति बन चुकी है। प्रदेश की सभी 230 विधानसभा सीटों के लिए तीन-तीन नामों के पैनल बनाकर तैयार किए गए हैं, जो कि केंद्रीय चुनाव समिति के पास दिल्ली भेजे जाएंगे। इस बार टिकट बंटवारे में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर की मुख्य भूमिका मानी जा रही है। कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि टिकट बंटवारे से जुड़े सभी निर्णय मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर द्वारा ही लिए जाएंगे। पिछले दिनों प्रदेश भर में टिकट के चयन को लेकर कराई गई रायशुमारी के बाद बंद लिफाफे भी बैठक के दौरान खोले गए। पार्टी सूत्रों की माने तो 163 उम्मीदवारों के नाम पार्टी ने पहले ही तय कर लिए थे। शेष नामों पर मंथन के बाद तीन नामों का पैनल तैयार किया गया है। बताया जा रहा है कि 1 नवंबर को उम्मीदवारों की पहली सूची जारी की जाएगी। उम्मीदवारों के चयन को लेकर संघ और भाजपा द्वारा कराए गए सर्वे को आधार माना जा रहा है। प्रत्याशी के चयन को लेकर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह, राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रभात झा का स्पष्ट मत है कि इस बार जिन विधायकों का क्षेत्र में विरोध है, उनके टिकट काटे जाने चाहिए। बैठक में उन्होंने कहा कि यदि विरोध के बाद भी हमने टिकट दिए तो चुनाव में पार्टी को हार का सामना करना पड़ सकता है। वहीं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को इस बात का डर सता रहा है कि यदि इतनी बड़ी संख्या में टिकट काटे तो पार्टी के मौजूदा विधायक स्थिति बिगाड़ सकते हैं। क्योंकि 5 साल तक क्षेत्र में काम करके विधायक ने अपने लिए यकों के टिकट काटे जाएंगे तो वे पार्टी को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसके अलावा जिलों में एवं मंडल में जो टीम बनाई गई है, उसमें भी विधायक के समर्थक महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों पर हैं। इसलिए यह माना जा रहा है कि शिवराज सिंह चौहान और नरेंद्र सिंह तोमर 40 से 50 सीटें बदलने के पक्ष में हैं। यह सीटें भी वह हैं, जहां मौजूदा विधायक के खिलाफ कुछ ज्यादा ही एंटी इनकंबेंसी का माहौल है। संघ से जुड़े सूत्रों के मुताबिक संघ ने मध्यप्रदेश में भाजपा को 70 से अधिक टिकट काटने व 30 विधायकों की सीट बदलने का सुझाव दिया है। इसको लेकर अब प्रदेश नेतृत्व के सामने संशय की स्थिति बनी हुई है। भाजपा संगठन ने मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव में 138 से 142 सीटें आने का अनुमान जताया है। बहरहाल जो भी हो, मध्यप्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के लिए अब की बार 200 पार का नारा सार्थक करना आसान नहीं है।