दिग्विजय सिंह पर भारी पड़े ज्योतिरादित्य सिंधिया

रजत परिहार
नई दिल्ली, २ नवंबर। कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में एक बार फिर दिग्विजय सिंह खेमेबाजी की वजह से राहुल गांधी को हस्तक्षेप करना पड़ा। दरअसल ज्योतिरादित्य सिंधिया ने दिग्विजय सिंह द्वारा सुझाये गए 74 उन नामों पर विचार नहीं करने का आग्रह किया था, जो 2008 के विधानसभा चुनाव में इंजन के चिन्ह के साथ चुनाव लड़े थे, जिससे पार्टी को हार का मुंह देखना पड़ा था। सिंधिया ने स्पष्ट किया कि पार्टी को टिकट के लिए सिर्फ अपने संघर्षशील कार्यकर्ताओं को ही चुनना चाहिए ना कि आयातित नेताओं को उपकृत करना चाहिए। सूत्रों के मुताबिक इस बात से शुरू हुई बहस लम्बी चली और इस बात का पता जब राहुल गांधी को चला तो उन्होंने ज्योतिरादित्य सिंधिया की बातों को प्रमुखता देते हुए उम्मीदवार चयन में उनकी भूमिका को एक बार फिर रेखांकित किया। राहुल का कहना था कि सिंधिया पिछले डेढ़ वर्षों से स्थानीय प्रदेश इकाई के साथ समन्वय में थे, लिहाजा उन्होंने पूरे प्लान पर अध्ययन किया, जबकि दिग्विजय सिंह तो छह माह से अधिक सक्रिय राजनीति से दूर रहे, लिहाजा कमलनाथ और सिंधिया ही पूरे अभियान में प्रदेश की सत्ता तक पहुंचाने के लिए उचित है।
उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में टिकट बंटवारे को लेकर छिड़ी कांग्रेस की अंदरूनी लड़ाई अब खुलकर सामने आ गई है। जानकारी के मुताबिक, बुधवार रात को पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के सामने ज्योतिरादित्य और पार्टी के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह आपस में ही भिड़ गए। पार्टी के दो बड़े नेताओं के बीच हुई इस गर्मागर्मी का राज्य में एकजुट होकर चुनाव लडऩे की राहुल की कोशिश को बहुत बड़ा झटका माना जा रहा है।
यह बैठक राहुल गांधी की मौजूदगी में मध्य प्रदेश के उम्मीदवारों की लिस्ट को अंतिम रूप देने के लिए बुलाई गई थी। हालांकि बैठक का माहौल तक गर्म हो गया, जब अपने-अपने उम्मीदवारों को टिकट दिलाने के लिए वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह और ज्योतिरादित्य सिंधिया आपस में भिड़ गए। शुरुआती बहस थोड़ी ही देर में तीखी नोक-झोंक में बदल गई। बताया जा रहा है कि काफी देर तक दोनों के बीच तू-तू, मैं-मैं होती रही और राहुल गांधी ये सब देख रहे थे।
मामले को सुलझाने के लिए तीन वरिष्ठ नेताओं की कमेटी बनाई
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक दिग्विजय सिंह और ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीच हुई गरमागहमी से राहुल गांधी काफी नाराज हैं। उन्होंने इस पूरे मामले को सुलझाने के लिए कांग्रेस के तीन वरिष्ठ नेताओं की कमिटी बनाई है। कमिटी में अशोक गहलोत, अहमद पटेल और वीरप्पा मोइली शामिल हैं। बताया जा रहा है कि बुधवार देर रात तक कमिटी ने इस विवाद को सुलझाने की कोशिश की, लेकिन आंतरिक गतिरोध खत्म होने का नाम नहीं लिया।
दिग्विजय का सिंधिया के साथ बहस से इंकार
पूर्व मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने आज इस बात से इंकार किया कि उनके और वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीच कोई बहस हुयी। सिंह ने देर शाम ट्वीट के जरिए अपना स्पष्टीकरण दिया। उन्होंने कहा कि मीडिया में इस बात की गलत खबर चलायी जा रही है कि उनके और सिंधिया के बीच बहस हुयी और राहुल गांधी को इसमें हस्तक्षेप करना पड़ा। वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस में हम सभी एक हैं और राज्य की भ्रष्ट भाजपा सरकार को पराजित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।