सिंधिया डटे-कमलनाथ अड़े

रजत परिहार
नई दिल्ली, ३ नवंबर। मध्यप्रदेश में 2018 विधानसभा चुनाव का महाभारत जीतने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की तमाम कोशिशों के बाद भी चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष ज्योतिरादित्य सिंधिया, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कमलनाथ, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और नेता प्रतिपक्ष विधानसभा अजय सिंह का टिकट बंटवारे के मामले में विवाद थमता दिखाई नहीं दे रहा है।
सूत्रों के अनुसार केन्द्रीय चुनाव समिति की बैठक पिछले 3 दिनों से लगातार देर रात तक चलती है। कल तो बताया जाता है कि सुबह के 4 बजे तक चली, परंतु आज की स्थिति में भारतीय जनता पार्टी की 177 सीटों की घोषणा के बाद कांग्रेस ने भी अपने 190 प्रत्याशियों के लिए आम राय बना ली है। बताया जाता है कि राहुल गांधी ने प्रत्येक विधानसभा क्षेत्रवार ज्योतिरादित्य सिंधिया से कहा है कि वे बारीकी से जांच-पड़ताल कर लें और यह सुनिश्चित करें कि जिसको भी कांग्रेस का उम्मीदवार बनाया जाए, वह जिताऊ तो होना चाहिए लेकिन साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि टिकट पाने वाले उम्मीदवार के खिलाफ कोई आपराधिक मुकदमा दर्ज न हो। राहुल गांधी ने यह भी कहा है कि मध्यप्रदेश में कोई भी उम्मीदवार अपवाद छोड़कर पैराशूट से नहीं उतारा जाना चाहिए। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष कमलनाथ, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और नेता प्रतिपक्ष विधानसभा अजय सिंह तीनों की एक राय यह है कि जिन जिताऊ उम्मीदवारों के खिलाफ शिवराज सरकार ने जान-बूझकर आपराधिक मुकदमा कायम किया है, ऐसे उम्मीदवारों को आपराधिक मुकदमे वाली श्रेणी में नहीं रखा जा सकता। कमलनाथ ने तो बकायदा सागर जिले के अपने एक समर्थक अरुणोदय चौबे का पक्ष रखते हुए कहा कि गृहमंत्री भूपेन्द्र सिंह ने जान-बूझकर चौबे के खिलाफ आपराधिक मुकदमा कायम किया है, इसलिए उसे टिकट दिया जाना अनिवार्य है। सूत्रों के अनुसार दिग्विजय सिंह ने मध्यभारत, अजय सिंह ने बुंदेलखंड और विंध्यप्रदेश में, कमलनाथ ने मालवा- निमाड़ में बहुत सारे ऐसे उम्मीदवारों के नाम सुझाए हैं, जिनमें अधिकांश पहले चुनाव हार चुके हैं और दूसरी ओर ज्योतिरादित्य सिंधिया का विरोध इसी मुद्दे को लेकर है कि हारे हुए उम्मीदवारों को कितनी बार टिकट दिया जाए। बताते हैं कि सिंधिया ने राहुल गांधी से स्पष्ट कहा है कि मध्यप्रदेश की जनता शिवराज सरकार को बदलना चाहती है और हम कांग्रेस के पराजित उम्मीदवारों को बदलना नहीं चाहते तो सरकार कैसे बनाएंगे। उन्होंने आज भारतीय जनता पार्टी के द्वारा 177 उम्मीदवारों की घोषणा में 38 वर्तमान विधायकों का टिकट काटे जाने की रणनीति को समझने पर जोर देते हुए कहा कि कांग्रेस के सभी नेताओं को भी अपने-अपने समर्थकों को टिकट देने की जिद करने के बजाय जीतने वाले उम्मीदवारों को ही मैदान में उतारने की योजना को अंजाम देना चाहिए। सूत्र बताते हैं कि आज राहुल गांधी ने मध्यप्रदेश के मामले में केन्द्रीय चुनाव समिति के समक्ष दो-टूक गाइड लाइन प्रस्तुत करते हुए कहा कि तुम जिताऊ उम्मीदवारों के लिए डटे रहो और कमलनाथ से कहा कि मजबूत उम्मीदवारों की पैरवी करो। हालांकि बताते हैं कि राहुल गांधी के हस्तक्षेप के बावजूद माथापच्ची और विवाद प्रत्येक टिकट पर जबर्दश्त हुए और अंतत: 190 विधानसभा क्षेत्रों में सबकी आम राय बन चुकी है। संभवत: कल दोपहर 12 बजे के बाद कांग्रेस की पहली बड़ी सूची घोषित कर दी जाएगी और बची हुई 40 विवादास्पद और संवेदनशील विधानसभा क्षेत्रों के उम्मीदवारों के नाम नामांकन वापसी के दिन तक तय किए जाएंगे।