विश्व गुरू बनने के लिए नवाचार पर ध्यान देना आवश्यक : राज्यपाल

भोपाल, 4 नवम्बर। राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने एलएनसीटी ग्रुप के स्थापना दिवस के रजत जयंती समारोह में कहा है कि हमें अगर पुन: विश्व गुरू बनना है, जिसके लिये पूरा विश्व हमारी ओर देख रहा है, तो हमें नवाचार पर ध्यान देना होगा। हमें छात्र-छात्राओं के लिए प्लेसमेंट की व्यवस्था करनी होगी। राज्यपाल ने सृष्टि -2018 के विजेताओं एवं कैंपस प्लेसमेंट में चयनित छात्र-छात्राओं को पुरस्कार वितरित किये तथा इंन्स्टीटयूट के स्टाफ और शिक्षकों को सम्मानित किया।
राज्यपाल ने छात्र-छात्राओं से कहा कि आज आप जो उच्च शिक्षा और अच्छी नौकरी प्राप्त कर रहे हैं, वह आपके माता-पिता, दादा-दादी के परिश्रम और परिवार के योगदान से संभव हुआ है। इसलिए माता-पिता को कभी भूलें नहीं। आज हमारे देश और प्रदेश में कितने गरीब और दूर-दराज के छात्र-छात्राएँ हैं, जो 12वीं कक्षा पास कर पैसे नहीं होने के कारण आगे की पढ़ाई जारी नहीं रख पाते हैं। उन्होंने बच्चों के साथ-साथ महिलाओं के लिए पोषित आहार की ओर विशेष ध्यान देने पर जोर देते हुए कहा कि विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में स्वास्थ जांच शिविर लगाकर छात्राओं में हीमोग्लोबीन की जांच भी कराई जाना चाहिए। श्रीमती पटेल ने छात्रों से दहेज न लेने की शपथ लेने का आव्हान करते हुए कहा कि दहेज समाज के लिए सबसे बड़ा अभिशाप है। शिक्षित युवा ही देश की दिशा और दशा तय करता है। हमारे पूर्वजों ने देश की संस्कृति, सभ्यता और परम्परा की मजबूत नींव रखी थी। उसी का परिणाम है कि कई वर्षो की गुलामी के बावजूद देश विकास के पथ पर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानी महात्मा गांधी, लालबहादुर शास्त्री और सरदार वल्लभ भाई पटेल ने जिस विकासशील देश का सपना देखा था। उसको साकार करने की जिम्मेदारी आज की युवा पीढ़ी पर है। समारोह में राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सुनील कुमार, एलएनसीटी ग्रुप के चेयरमेन जयनारायण चौकसे, वाइस चेयरमेन श्रीमती पुनम चौकसे, सचिव अनुपम चौकसे तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं और अभिभावक उपस्थित थे।