कुंभ के लिए करोड़ों मगर दिव्यांगों और विद्यालयों की परवाह नहीं: राजभर

प्रयागराज, 18 नवम्बर। उत्तर प्रदेश के पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने अपनी ही सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश तथा केंद्र सरकार कुंभ मेला के लिए करोड़ो रूपये खर्च कर रही है लेकिन उसे दिव्यांगों और प्राइमरी विद्यालयों की कतई परवाह नहीं है। राजभर रविवार को यहां सर्किट हाउस में संवाददाताओं से कहा कि राज्य सरकार उत्तर प्रदेश के बजट का एक बटा पांचवां हिस्सा कुंभ मेला पर खर्च कर रही है, इतना ही ध्यान दिव्यांग और प्राथमिक विद्यालयों पर दिया जाता तो शायद उनकी तस्वीर आज कुछ और ही होती। उन्होंने कहा कि वर्ष 1995 से दिव्यांग विभाग बना है। उसके अधिकारियों के पास गाडिय़ां नहीं है। प्रदेश में 75 जिले हैं जिनमें कुल 16 विद्यालय है। 10-10 मण्डलों में कोई विद्यालय ही नहीं है, इनके बेहतरी के लिए धन मांगा जा रहा लेकिन इनके लिए सरकार के पास पैसा नहीं है। राजभर ने कहा कि प्रदेश में एक लाख 59 हजार प्राथमिक विद्यालय है जिसमें एक करोड़ 77 लाख बच्चे गरीबों के पढ़ते हैं। प्राथमिक विद्यालय के शिक्षा का स्तर इतना गिर गया है कि कोई मां-बाप अपने बच्चे को वहां पढऩे के लिए भेजना पसन्द नहीं करता। 40 साल पहले उसी विद्यालय से पढऩे वाले बच्चे डाक्टर, इंजीनियर, मास्टर और कलेक्टर बनते थे। आज कौन सी वजह है, क्यों शिक्षा का स्तर इतना गिर गया, इस पर क्यों नहीं सरकार चिंतन करती।