गला खराब हो गयाए हौसला बुलंद थक नहीं रहे मुख्यमंत्री

2018 के महाभारत में शिवराज हुए जिद्दी

सुनील दत्त तिवारी
भोपालए 20 नवंबर। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के 6 कृणा नगर श्यामला हिल्स की पहाड़ी पर बने मुख्यमंत्री निवास पर आगामी 11 दिसंबर को होने वाली मतगणना में कौन प्रवेश करेगाघ् इसके लिए दोनों प्रमुख प्रतिद्वंद्वी दल एड़ी.चोटी का जोर लगा रहे हैं। सत्ता की हैट्रिक बनाकर चौथी बार फिर भाजपा फिर शिवराज के नारे के साथ भारतीय जनता पार्टी मैदान में है। वैसे तो भाजपा के सबसे बड़े स्टार प्रचारक नरेंद्र मोदी ही हैंए लेकिन जिस प्रकार से हर दिन लगभग सात से आठ आम सभाएं करते हुए पार्टी के पक्ष में हवा का रुख मोडऩे को शिवराज आतुर दिखाई दे रहे हैंए वैसी जिजीविषा इसके पहले कभी दिखाई नहीं दी। कहना होगा कि शिवराज के पोस्टर बॉय की इमेज इस चुनाव में और बढ़ी है और मुख्यमंत्री की जनसभा के लिए पूरे 230 प्रत्याशी प्रयासरत हैं। इस दौरान इतने व्यस्त कार्यक्रम और आम सभाओं की वजह से शिवराज को गले का इन्फेक्शन भी हो जाता हैए गला रुंध जाता हैए मगर आवाज वही बुलंद और बिना थके निकलती है। लगातार चौथी बार सत्ता में आने के लिए प्रयासरत मामा के नाम से लोकप्रिय मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान आजकल प्रदेश के विभिन्न भागों में ताबड़तोड़ चुनाव प्रचार कर रहे हैं। इस दौरान वे हेलीकॉप्टर के अंदर ही झपकी लेकर अपनी नींद पूरी करते हैं और अपने घर का बना भोजन ले जाकर खाते हैंए ताकि इस विशाल प्रदेश के हर हिस्से को कवर किया जा सके। इस बार शिवराज सिंह चौहान के राजनैतिक व्यवहार में परिवर्तन स्पष्ट दिखाई दे रहा है। राजनीतिक प्रहारों से परहेज करने वाले शिवराज अब राहुल गांधी से लेकर कमलनाथए ज्योतिरादित्य सिंधिया और दिग्विजय सिंह पर तीखे हमले करने से नहीं चूकते और बीच.बीच में हलकी.फुलकी बातों से मतदाताओं को गुदगुदाते हैं।
शिवराज अपने भाषणों से ग्रामीणों को सम्मोहित करने की कला अच्छी तरह जानते हैं। रैलियों में प्रदेश के बच्चे.बच्चियों द्वारा मामा.मामा कहे जाने पर उनका जवाब देते हुए चौहान उनसे कहते हैं कि आपके मामा आपका ख्याल रखेंगे। इसके अलावा वे अपनी किसी भी रैली में कांग्रेस पर तंज कसने से कभी नहीं चूकते। दिग्विजय सिंह की अगुवाई में वर्ष 1993 से वर्ष 2003 तक के कांग्रेस के 10 साल के शासन की ओर इशारा करते हुए चौहान प्रचार अभियान में कहते हैं जब तक रहेगा दिग्गीए तब तक जलेगी डिब्बी। वे आरोप भी लगाते हैं कि दिग्विजय के शासन के जमाने में प्रदेश की जनता को लगता था कि जब तक दिग्विजय सिंह सत्ता में रहेंगेए तब तक उन्हें अपने घर में रात में उजाला करने के लिए मिट्टी तेल की चिमनियां जलानी पड़ेंगी। युवाओं पर भाजपा का सबसे ज्यादा फोकस है। सभाओं में वे कहते हैं. मुझे देखकर छोटे बच्चे मचल जाते हैं। कहते हैं मामा आई लव यू। मैं भी कहां पीछे हटने वालाए मैं कहता हूं आई लव यू टू। अपनी हर जनसभा में शिवराज सिंह चौहान मतदाताओं को बताते हैं कि कांग्रेस पिछले 15 साल से मध्यप्रदेश में सत्ता से बाहर है और जब उनको लगता है कि मैं चौथी बार लगातार सत्ता में आ रहा हूंए तो कांग्रेस नेताओं को गुस्सा आने लगता है तथा वे मुझ एवं मेरे परिवार के सदस्यों पर निराधार आरोप लगाने लगते हैं। यहां तक कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी ऐसा ही कर रहे हैं और उन्होंने मेरे बेटे तक को नहीं छोड़ा और उसका नाम पनामा पेपर लीक में घसीटाए इसके बाद वे जनता से ही पूछते हैं कि क्या ऐसा करना शोभा देता हैए भीड़ से आवाज आती है.नहीं। शिवराज सिंह नेतृत्व में हुए पिछले दो चुनावों के मुकाबले इस चुनाव में जो फर्क महसूस हुआए वह है चौहान का युवा वर्ग के साथ मामा भान्जे के रिश्ते का स्थापित होना। पहले ये रिश्ता एक तरफा थाए जब शिवराज खुद को बच्चों का मामा बताते थे। पांच.सात साल में उन्होंने इतनी बार इस रिश्ते की दुहाई दी कि अब युवा तो छोडि़ए तो हम उम्र भी उन्हें मामा का संबोधन देने लगे हैं। चुनावी सभाओं में महिलाए किसानए गरीब उनके प्रचार अभियान के केंद्र में रहते हैं। कमलनाथए ज्योतिरादित्य सिंधिया और दिग्विजय सिंह के जिक्र के बिना कोई सभा पूरी नहीं होती। हर सभा में वे यह कहकर इन पर निशाना साधते हैं कि कुर्सी की खातिर राजा.महाराजा और उद्योगपति की रातों की नींद उड़ी हुई है। फिर वे गाने की यह लाइन दोहरा कर तालियां बटोरते हंैए करवटें बदलते रहे सारी रात हमए आपकी कसमण्ण्ण्। शिवराज सिंह चौहान हर जगह समृद्ध मध्यप्रदेश के लिए वोट मांगते नजर आ रहे हैं। उनका कहना है कि मध्यप्रदेश को बीमारू से सुचारु बनायाए विकसित बनायाए अब समृद्ध बनाना है तो साढ़े सात करोड़ जनता का आशीर्वाद चाहिए।