जनसम्पर्क मंत्री ही बनूंगा मैं तो…

सूबे में चुनाव तो हो गए, जनता ने अपने पसंद के उम्मीदवारों की किस्मत को मतपेटी में बंद कर दिया है। जब 11 दिसंबर को ईवीएम खुलेगी तो पता चलेगा किसकी किस्मत में क्या है? लेकिन भोपाल से चुनाव लडऩे वाले एक नेताजी की अभी से पोर्ट फोलियो का फोबिया हो गया है। बेचारे 11 दिसंबर तक का इन्तजार नहीं कर पा रहे हैं। दोस्तों की महफिल सजी, नेताजी ने अपनी दबी भावनाएं आखिर खोल ही दीं। विधायक जी का मानना है कि शिवराज कैबिनेट में सर्वाधिक कद्दावर मंत्री नरोत्तम मिश्रा इसलिए हैं कि उनके पास जनसम्पर्क विभाग है, संकट मोचक इसलिए हैं कि संसदीय कार्यमंत्रालय भी है। लिहाजा यदि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह जी कोई पसंद पूछेंगे तो मैं तो यही दोनों विभाग ही लूंगा और कोई विभाग साहब देना चाहें तो वो भी संभाल लूंगा, लेकिन जनसम्पर्क मंत्री तो बनना ही है। भैया की बात से समर्थक भी सहमत और उत्साहित दिखे, बात में वजन जो थी। वैसे इस प्रसंग को मंत्री विश्वास सारंग से जोड़ते हुए नहीं पढ़ें।
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