सूत ना कपास, जुलाहों में…

ये तो सभी को पता है कि सूबे की नई सरकार 11 दिसंबर को ही पता चल पाएगी, जब मशीनें खुलेंगी और काउंटिंग होगी। लेकिन इस दौरान राजनीति के उत्साही लालों ने भी क्या गजब ढाया है। अभी सरकार किसकी होगी, मुख्यमंत्री कौन होगा, ये पता ही नहीं है, फिर भी महाकौशल के एक नेता जी राज्यमंत्री बनने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगाने लग गए हैं। बेचारे कुछ दिनों तक तो निर्दलीय विधायक थे। विश्व की सबसे बड़ी राजनैतिक पार्टी ने उन्हें चुनाव के कुछ समय पहले गोद ले लिया, फिर टिकट भी दे दिया। अभी परिणाम आए नहीं हैं कि उत्साही भैया ने मंत्री पद की जुगत लगानी शुरू कर दी है। इन पर लक्ष्मी जी ने भी थोड़ी-बहुत कृपा कर दी है तो शायद उन्हें लगता है कि सब मैनेज हो जाएगा। तो नेताजी ने अपने सिपहसालार को मातृ कार्यालय ही भेज दिया। संदेशवाहक ने सन्देश दिया और साथ में ये भी बताया कि भइया बड़े धैर्यवाले हैं, केवल राज्य मंत्री का पद चाहते हैं। सामने से जवाब आया यदि धैर्यवाले हैं तो बोलो 11 तक इन्तजार कर लें, कहीं जनता ने ही हमारे मना करने से पहले ही मना कर दिया हो।
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