नैक के मूल्यांकन में बीयू को किया जाएगा शामिल

आधारभूत सुविधाएं बढ़ाने के प्रयास हुए तेज
भोपाल, 4 दिसंबर। बरकतउल्ला विश्वविद्यालय (बीयू) नैक के मूल्यांकन में शामिल कराने की कवायद कुलपति प्रो आरजे राव ने प्रारंभ कर दी है। अब विवि में पांच साल की रणनीति तैयार की जा रही है। इसके लिए विवि में शैक्षणिक सुविधाओं के विकास, आधारभूत सुविधाओं को बढ़ाने के लिए प्रयास तेज कर दिया है। कुलपति ने अलग-अलग चार समितियां तैयार की हैं।
विवि में डॉक्यूमेंटेशन सेल बनेगा। चारों समितियां मिलकर सभी विभागों के चार साल का डॉक्यूमेंटेशन तैयार करेंगी। इसमें चार साल का डेटा डिजिटल फॉर्मेट में एकत्रित किया जाएगा। सेल के माध्यम से विद्यार्थियों के दस्तावेज तैयार करने, उनमें सुधार करना व उनकी जानकारी संभालकर रखना सबकुछ आसान होगा। वहीं, कुछ दिन पहले कुलपति ने विवि के सभी प्रोफेसरों से दो साल के स्वमूल्यांकन की रिपोर्ट मांगी थी। साथ ही प्रोफेसरों से त्रैमासिक, छह मासिक और वार्षिक गतिविधियों की उपलब्धि का प्रतिवेदन बनाकर देने को कहा है। इसके अलावा सभी के विभाग का परिणाम कैसा रहा इसकी जानकारी भी मांगी गई है। इसके लिए कुलपति ने प्रोफेसरों को एक सप्ताह का समय दिया था, लेकिन अभी तक कई प्रोफेसरों ने रिपोर्ट नहीं सौंपी है। इसके अलावा उन्होंने रजिस्ट्रार से तीन साल की डिपार्टमेंटली प्रोग्रेस रिपोर्ट भी मांगी है। नैक की ग्रेडिंग के लिए सबसे महत्वपूर्ण विद्यार्थियों का फीडबैक होगा। कुलपति का पूरा फोकस इसी पर होगा। विवि में कुलपति के निर्देशन में पांच साल का डेवलपमेंट प्लान तैयार होगा। इसके लिए समिति गठित की जाएगी।
विवि डेवलपमेंट में अच्छे पाठ्यक्रम संचालित करना, इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाना, स्तरीय फैकल्टी और विद्यार्थियों को सभी स्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराना इस प्लान में शामिल होगा। कुलपति ने विवि अधिकारियों को नैक की ग्रेडिंग में आने वाले महत्वपूर्ण बिंदुओं पर काम करने के लिए कहा है। उन्होंने विवि में समय-समय पर अकादमिक कार्य कितने हुए, छात्रों को फैसिलिटी मिली की नहीं, रिसर्च कितने हुए, इंफ्रास्ट्रक्चर, कम्प्यूटर व लाइब्रेरी की व्यवस्था कैसी है, आदि की जानकारी संबंधित विभागों के अधिकारियों से मांगी है। इस बारे में बीयू के कुलपति प्रो आरजे राव का कहना है कि विवि के डेवलपमेंट के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है। नैक की ग्रेडिंग में विवि को लाने के लिए भी कोशिश की जा रही है। कुछ आधारभूत चीजों को सुधारने की दिशा में काम चल रहा है।