मालविका बनी भरतनाट्य़म की उभरती हुई प्रतिभा

भोपाल। भरतनाटय़म सबसे प्राचीन शास्त्रीय भारतीय नृत्य में से एक है। इसका इतिहास 2000 साल पुराना है। यह दुनिया भर में प्रसिद्ध है। स्टेप बाय स्टेप स्कूल की कक्षा 11 की छात्रा मालविका .ष्णनन नोएडा में फ्रांसीसी कनाडाई भरतनाटय़म विशेषज्ञ मैरी एलांगोवन से भरतनाटय़म सीख रही हैं। 10 सालों से अधिक समय से उन्होंने भारतीय शास्त्रीय संगीत और नृत्य आधारित शिक्षा परंपरा सेंटर में गुरु एलांगोवन गोविंदराजन से ली है।
एक संस्था के सदस्य के रूप में उन्होंने देश भर में कई प्रतिष्ठित स्थानों पर नृत्य प्रदर्शन किया है। वर्तमान में वह प्राचीन कला केंद्र से भरतनाटय़म में डिग्री ले रही हैं। विशाद चौथी वर्ष की परीक्षा भी उन्होंने पूरी कर ली है। मालविका हमेशा नृत्य से प्रभावित रही हैं। उनकी मां ने उन्हें कक्षा 3 से ही भरतनाटय़म नृत्य की शिक्षा दिलवाई। उन्होंने हाल ही में भरतनाटय़म नृत्य के तहत अंगंगत्रम की प्रस्तुति दी थी। प्रतिष्ठित शास्त्रीय नर्तक और कोरियोग्राफर कथक गुरु पद्मश्री डॉ. शोवाना नारायण ने कहा कि मालविका .ष्णनन एक अद्भुत नर्तकी हैं। ने भविष्य में भरतनाट्य़म के सबसे सफल कलाकारों में से एक होंगी। यह केवल माता-पिता के सहयोग से ही संभव हो सका। डॉ. नारायण ने भी अंगंगत्रम ने अपनी भागीदारी दी। मालविका भारतनाटय़म नृत्य को पूरे समर्पण भाव से जारी रखने का इरादा रखती हैं। वे इसे युवाओं के बीच बढ़ावा देने की कोशिश कर रही हैं। 12 वीं के बाद वे उनका इरादा अपने प्रबंधन को आगे बढ़ाने का है। गौरतलब है कि वे एक प्रतिभाशाली पियानो वादक भी हैं।