छत्तीसगढ़ में दो तिहाई बहुमत से बनेगी कांग्रेस की सरकार:वोरा

मुख्यमंत्री पद के चार दावेदार, लेकिन फैसला करेंगे राहुल गांधी

विशेष साक्षात्कार
विजय कुमार दास

नई दिल्ली। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव एवं छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ नेता मोतीलाल वोरा ने दावा किया है कि छत्तीसगढ़ राज्य में 2018 का विधानसभा चुनाव परिणाम कांग्रेस के पक्ष में होगा। वोरा ने कहा कि आज अभी तक मिले फीडबैक के अनुसार कांग्रेस 49 सीटों के साथ छत्तीसगढ़ में सरकार बना रही है। राष्ट्रीय हिन्दी मेल के इस प्रतिनिधि से नई दिल्ली में एक खास मुलाकात में वोरा ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य में पूरे चुनाव के दौरान अंडरकरंट देखा गया। उन्होंने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में भी 75 फीसदी वोटिंग को रमन सरकार के खिलाफ भयंकर नाराजगी में किया हुआ मतदान बताया। जब इस प्रतिनिधि ने वोरा से पूछा कि डॉ. रमन सिंह के खिलाफ और क्या-क्या गंभीर मामले हैं, जिसकी वजह से 15 वर्षों के वनवास के बाद कांग्रेस आपको सत्ता में आती हुई दिख रही है। जवाब में वोरा ने कहा मंत्रियों में व्याप्त व्यापक भ्रष्टाचार और बदलाव के लहर के साथ जनता के द्वारा कांग्रेस को समर्थन देना स्पष्ट संकेत देता है कि दो-तिहाई बहुमत के साथ हमारी सरकार बनेगी। यदि कांगे्रस की सरकार बनती है तो बेहतर सीएम कौन होगा, इसके जवाब में वोरा ने कहा- छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री पद के चार दावेदार हैं। वरिष्ठता के हिसाब से डॉ. चरणदास महंत, ताम्रध्वज साहू, टीएस सिंहदेव और भूपेश बघेल दावेदार हैं, लेकिन अंतिम फैसला विधायक दल की बैठक के बाद कांग्रेस की परम्परा के अनुसार अनुशासन के दायरे में संपन्न होगा। वोरा ने बताया कि विधायक दल की बैठक के लिए चुनाव परिणाम के बाद पर्यवेक्षक नियुक्त किए जाएंगे। जिसकी राय पर मुख्यमंत्री पद का नाम तय किया जाएगा। हालांकि वोरा ने स्पष्ट करने से इंकार कर दिया, लेकिन इशारों ही इशारों में यह संकेत जरुर दिया कि वरीयता के आधार पर डॉ. चरणदास महंत और टीएस सिंहदेव व्यवहारिक रुप से अच्छे नेता हैं। जब उनसे पूछा गया कि ताम्रध्वज साहू और भूपेश बघेल के बारे में आपका क्या कहना है। तब वोरा ने कहा कि उनके कहने से कुछ नहीं होता, अंतिम निर्णय तो राहुल गांधी को करना है इसलिए इंतजार कीजिए, 11 दिसम्बर को परिणाम आने दीजिए, 49 विधायकों का दावा सच उतरने दीजिए, फिर देखिए आगे-आगे होता है क्या। एक सवाल के जवाब में मोतीलाल वोरा ने कहा कि उनके पुत्र अरुण वोरा को विधानसभा अध्यक्ष जैसे पदों की जिम्मेदारी से बचना चाहिए।