बड़े शिकार-बड़ी पार्टनरशिप तोडऩे के स्पैशलिस्ट हैं हनुमान विहारी

जालन्धर, 14 दिसंबर। पर्थ में तेज पिच का अनुमान लगाकर भारतीय कप्तान विराट कोहली ने जो चार तेज गेंदबाजों को मौका देने का फैसला लिया वह मैच के पहले ही दिन थोड़ा गलत होता नजर आया।
दरअसल उम्मीद यह थी कि पहले सेशन में ही भारतीय तेज गेंदबाज अपना दबदबा कायम रखते हुए विकेट्स झटक लेंगे। लेकिन ऐसा हो नहीं पाया। क्योंकि भारतीय टीम बिना स्पिनर के टेस्ट में उतरी थी ऐसे में तेज गेंदबाजों पर ही भारतीय आक्रमण टिका हुआ था। लेकिन ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों की सधी हुई पारियों के चलते यह निरस्त होते नजर आए। ऐसे समय में काम चलाऊ स्पिनर हनुमान विहारी ने अपना जादू चलाया। विहारी ने मैच के दौरान 2 विकेट लिए। यह यह दो विकेट तब आए जब ऑस्ट्रेलिया बड़े स्कोर की ओर बढ़ रहा था।
बड़े शिकार के शौकीन हैं विहारी
हनुमान विहारी का यह दूसरा टेस्ट मैच है। इससे पहले उन्होंने पिछले साल सितंबर में इंगलैंड के खिलाफ ओवल के मैदान पर डैब्यू किया था। उन्होंने पहले ही मैच की दूसरी पारी में 3 महत्वपूर्ण विकेट एलिस्टेयर कुक (147), जो रूट (125) और सैम कुरन (21) झटके। तीनों ही विकेट तब लिए जब इंगलैंड बड़ी साझेदारी की ओर बढ़ रहा था। इसके बाद हनुमान ने अपने दूसरे टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया के सलामी बल्लेबाज मार्कस हैरिस का तब विकेट निकाला जब वह अपने पार्टनर के साथ शतकीय साझेदारी कर चुके थे। हनुमान ने मैच दौरान ही शॉन मार्श और ट्रेविस हेड में पनप रही पार्टनरशिप को भी तोड़ा। उनके करियर के पहले पांच विकेट बड़े प्लेयरों के ही हैं। इससे महत्वपूर्ण यह है कि विहारी ने तब विकेट झटके जब भारतीय टीम साझेदारी तोडऩे के लिए जूझ रही थी।