कर्ज माफी सबसे बड़ी चुनौती निपटने को तैयार हम: मुख्य सचिव

विजय कुमार दास
भोपाल,15 दिसंबर। राहुल गाँधी का किसानों की कर्ज माफ़ी को लेकर किया गया एलान मुख्यमंत्री के रूप में कमलनाथ के लिए कितना महत्वपूर्ण है ,इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अभी शपथ भी नहीं हुई कि उससे पहले ही इस घोषणा को पूर्ण करने का खाका तैयार कर लिया गया है। मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव बसंत प्रताप सिंह (1983) ने राष्ट्रीय हिन्दी मेल के इस प्रतिनिधि के एक सवाल पर आज देर रात दूरभाष पर बताया कि नई सरकार के शपथ लेते ही किसानों की कर्जमाफी का 10 दिनों के अंदर क्रियान्वयन करने का ब्लूप्रिंट तैयार किया जा रहा है। मुख्य सचिव ने बताया कि वित्त विभाग के प्रमुख सचिव अनुराग जैन, कृषि विभाग के प्रमुख सचिव राजेश राजौरा और सहकारिता विभाग के प्रमुख सचिव केसी गुप्ता को निर्देश दिया गया है कि 10 दिनों के अंदर नई सरकार किसानों की कर्जमाफी का मैकेनिजम आंकड़ों सहित तैयार कर लिया जाए। उन्होंने कहा कि इस विषय पर अनौचारिक रूप से भी हमारी बैठक हो चुकी है और इस चुनौती से निपटने के लिए हम पूरी तरह तैयार हैं।
सूत्रों के अनुसार कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने दो वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में अलग अलग टीम पंजाब और महाराष्ट्र भेज दी हैं जो वहां की मौजूदा सरकार के कर्ज माफ़ी का मॉडल समझकर उसके प्रदेश में क्रियान्वयन की योजना प्रस्तावित करेंगी। जानकारी के अनुसार मंडी बोर्ड के एम डी फैज अहमद किदवई के साथ एक टीम पंजाब पहुंच गई है और कृषि विभाग के अतिरिक्त संचालक बी एम सहारे एक टीम को लेकर महाराष्ट्र गए हैं। दरअसल ,कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी ने अपनी प्रदेश की दस आम सभा में और उसके पहले मंदसौर गोलीकांड की बरसी पर ही यह एलान कर दिया था कि कांग्रेस की सरकार आने पर किसानों के दो लाख रुपये का कर्ज माफ़ किया जायेगा। कमलनाथ ने इसी को अपनी पहली प्राथमिकता बनाया है। विभाग से जुड़े वरिष्ठ नौकरशाहों को इस कर्जमाफी की रूप रेखा को तय करने का सरकार बनते ही 12 दिसंबर को बोल दिया गया है लिहाजा अधिकारी भी एक्शन मोड़ में आकर तेजी से जुट गए हैं। अभी हाल ही में पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने सफलता पूर्वक किसानों का कर्ज माफ़ किया है और उस मॉडल को सर्वश्रेष्ठ माना जा रहा है। इसीलिये पंजाब में टीम को भेजा गया है। सूत्र बता रहे हैं कि अभी किसानों के कर्ज की सीमा और कर्ज के समयावधि को तय नहीं किया गया है। इन्ही सब बातों को लेकर आज कमलनाथ ने मुख्य सचिव बसंत प्रताप सिंह, प्रमुख सचिव कृषि डॉ राजेश राजौरा ,प्रमुख सचिव वित्त अनुराग जैन ,प्रमुख सचिव सहकारिता केसी गुप्ता के साथ एक अनौपचारिक बैठक करेंगे जिसमे प्रदेश के ऋणी कृषकों को कर्ज माफ़ी के लिए स्टैण्डर्ड तय किया जाना संभावित है। कर्जमाफी से जुड़े तमाम प्रयासों को लेकर एक-दो दिन में कृषि व वित्त विभाग के अधिकारियों की चर्चाओं का दौर जारी है। शासन स्तर पर ऐसी तैयारी है कि सरकार के गठन के तुरंत बाद दस दिन के भीतर कर्ज माफी के आदेश जारी होंगे। बताया जा रहा है कि कांग्रेस की नई सरकार को कर्जमाफी के लिए कम से कम 18 से 20 हजार करोड़ रुपए की जरूरत होगी। मुख्य सचिव बसंत प्रताप सिंह ने कृषि एवं सहकारिता विभाग के अधिकारियों के साथ शनिवार को बैठक लेकर तैयारी के बारे में पूछा है। साथ ही बैंकों से कर्जमाफी का ब्योरा मांगा गया है। सहकारिता अधिकारियों ने मुख्य सचिव को बताया है कि लगभग 40लाख किसानों पर 60 हजार करोड़के करीब का कर्ज है। जिसकी कर्जमाफी की जानी है। किसानों पर जो कर्ज है, वह सहकारी बैंक, राष्ट्रीयकृत बैंक, ग्रामीण विकास बैंक और निजी बैंकों का है।वहीं, प्रदेश के 21 लाख किसानों पर करीब 20 हजार करोड़ का कर्जा है, लेकिन इसे अदा नहीं किया है।