शिवराज को सिमी से खतरा मिलेगी जेड प्लस सुरक्षा

केंद्रीय गृह मंत्रालय को मिली खुफिया जानकारी के बाद निर्णय

भोपाल, 26 दिसंबर। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जेड प्लस सुरक्षा देने का फैसला किया है। आमतौर पर जेड प्लस सुरक्षा मुख्यमंत्री को मिलती है। लेकिन ऐसा पहली बार होगा, जब पूर्व मुख्यमंत्री को भी जेड प्लस सुरक्षा दी जा रही है। इस निर्णय के पीछे केंद्रीय गृह मंत्रालय को मिली वह खुफिया जानकारी है, जिसमें यह कहा गया है कि प्रतिबंधित सिमी संगठन पूर्व मुख्यमंत्री के खिलाफ बदले की भावना से कोई कदम उठा सकता है। दरअसल 31 अक्टूबर, 2016 को राजधानी भोपाल में जेल से सिमी के आठ विचाराधीन कैदी भाग गए थे, इन पर आतंकी गतिविधियों में लिप्त होने के आरोप से पुलिस ने 8 कैदियों को राजधानी से 40 किलोमीटर दूर ईटखेड़ी के पास एनकाउंटर में मार गिराया था। यह कार्यवाही शिवराज के मुख्यमंत्री रहते हुए हुई थी। अब वह पद पर नहीं है लिहाजा गृह मंत्रालय ने सिमी संगठन द्वारा बदला लेने की संभावना जताई है। गृह मंत्रालय के मुताबिक शिवराज को प्रतिबंधित संगठन सिमी से खतरा है, इसलिए उन्हें जेड प्लस सुरक्षा दी जाए। देश के बड़े नेताओं और अधिकारियों को सुरक्षा के लिए सशत्र बल दिया जाता है। खतरों को देखते हुए सरकार जेड प्लस, जेड, वाई, एक्स कैटेगरी की सुरक्षा देने का फैसला करती है। इस तरह की सुरक्षा पाने वालों में खिलाड़ी और एक्टर भी होते हैं। देश में दिग्गज नेताओं, बड़े अधिकारियों और खास शख्सियतों को सरकार की तरफ से अलग-अलग श्रेणी की सुरक्षा मुहैया कराई जाती है और इसका फैसला केंद्र सरकार करती है। जेड प्लस केटेगरी में 36 सुरक्षा कर्मी होते हैं। जिनमें 10 एसपीजी और एनएसजी कमांडो होते हैं, बाकी पुलिस होती है। सुरक्षा के पहले घेरे में एसपीजी हुए दूसरे घेरे में एनएसजी के कमांडो होते हैं।