मेरे पिता ही मेरे रोल मॉडल : सचिन यादव

पावर कभी स्थाई नहीं होता, व्यवहार से मिलता है सम्मान

हृदेश धारवार, 9755990990
भोपाल, 27 दिसंबर। पावर कभी स्थाई नहीं होता, लेकिन व्यक्ति के व्यवहार से उसे हर क्षेत्र में सम्मान मिलता है। यदि आप पावर में हैं तो अधिक से अधिक लोगों की मदद करनी चाहिए एवं जनता की भलाई करनी चाहिए। क्योंकि व्यक्ति की पहचान उसके काम और व्यवहार से होती है। यह कहना है मध्यप्रदेश सरकार के युवा कैबिनेट मंत्री सचिन यादव का।
सचिन यादव ने गुरूवार को राष्ट्रीय हिन्दी मेल के साथ अपने राजनीतिक एवं व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए कहा कि मेरे पिता ही मेरे रोल मॉडल हैं, उन्हीं की प्रेरणा से आज मैं इस मुकाम पर पहुंचा हूं। उन्होंने कहा कि यह मेरा सौभाग्य है कि मुझे दिल्ली पब्लिक स्कूल में पढऩे का मौका मिला। मैंने अपनी स्कूल शिक्षा से लेकर स्नातक तक की शिक्षा हॉस्टल में रहकर पूरी की। हॉस्टल में रहने ही वजह से मुझे आत्मनिर्भर बनने की ताकत मिली। क्योंकि स्कूल टाइम से लेकर कॉलेज की पढ़ाई तक सुबह उठने से लेकर सोने तक के सभी काम मुझे करने पड़ते थे जैसे यूनिफार्म धोना, बिस्तर करना, बूट पॉलिस, कपड़े पे्रस आदि काम स्वयं करता था। उन्होंने बताया कि मेरे पिताजी (स्व. सुभाष यादव) हमेशा एक बात कहा करते थे कि पॉवर कभी स्थाई नहीं होता, लेकिन व्यवहार की वजह से व्यक्ति को हर क्षेत्र में सम्मान मिलता है। उन्हेंने बताया कि मध्यप्रदेश की राजनीति में बाबूजी का महत्वपूर्ण योगदान रहा है,उन्होंने अपना पूरा जीवन किसानों के लिए जिया है। उन्हें किसान नेता व सहकारिता पुरूष के नाम से जाना जाता है। उन्होंने कहा कि पिता के आर्दशों पर चलकर लोगों की भलाई के लिए जो काम किए जा सकते हैं, उन्हें पूरा करना मेरी प्राथमिकता होगी।