पात्र किसानों को कर्ज माफी का लाभ आसानी से मिले: कमलनाथ

मंत्रिपरिषद की बैठक में कर्ज माफी पर दिया गया प्रजेन्टेशन
प्रशासनिक संवाददाता
भोपाल, 27 दिसंबर। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि किसानों की कर्ज माफी योजना का मसौदा इस तरह से तैयार किया जाये कि प्रदेश का कोई भी पात्र और जरूरतमंद किसान इससे वंचित न रहे। किसानों की कर्ज माफी पर आज मंत्रालय में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रमुख सचिव कृषि विकास एवं किसान कल्याण डॉ. राजेश राजौरा द्वारा प्रजेन्टेशन दिया गया। मुख्यमंत्री कमलनाथ द्वारा अधिकारियों को दिये गये निर्देश के बाद 5 जनवरी को होने वाली मंत्रिपरिषद की बैठक में किसानों की कर्ज माफी योजना को मंजूरी दी जाएगी।
61 लाख 20 हजार से ज्यादा किसानों को मिलेगा लाभ
बैठक में बताया गया कि 31 मार्च, 2018 की स्थिति में किसानों को कृषि कर्ज माफी का लाभ दिया जाएगा। इसमें 2 लाख रुपये तक के कालातीत कृषि ऋ ण को माफ किया जायेगा। इससे प्रदेश के 61 लाख 20 हजार किसान लाभान्वित होंगे और उनके करीब 62 हजार 294 करोड़ रुपये राशि के कर्ज में से दो लाख रूपये तक कृषि ऋ ण माफ किये जायेंगे। इनमें राष्ट्रीयकृत, सहकारी और आरआरबी से लिये गये कृषि ऋ ण शामिल हैं। किसानों को सुविधा दिये जाने के लिये ग्राम पंचायत स्तर पर आवेदन करने की सुविधा होगी।
अन्य राज्यों से बेहतर होगी योजना
मध्यप्रदेश में किसानों की कर्ज माफी के लिये जो योजना तैयार की गई है, वह उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र राज्य में लागू की गई योजना से बेहतर होगी। प्रदेश में किसानों को कर्ज माफी अल्पकालीन फसल ऋण पर ही प्रदान की जायेगी।
कृषि ऋ ण माफी की कट ऑफ डेट 30 नवम्बर करने पर विचार
मंत्रिपरिषद की बैठक में कृषि ऋ ण बकाया के लिये 31 मार्च, 2018 के स्थान पर कट ऑफ डेट 30 नवम्बर, 2018 किये जाने पर भी विचार किया गया। जानकारी दी गई कि कालातीत बकायादारों की कर्ज माफी पर लाभान्वित किसान को ऋण मुक्ति प्रमाण-पत्र भी दिया जायेगा। ऐसे किसान जिन्होंने 31 मार्च, 2018 के चालू बकाया को 30 नवम्बर तक चुका दिया है, उनको प्रति हेक्टेयर सम्मान-निधि प्रदान करने पर भी विचार किया गया।
मंत्रिपरिषद की बैठक में बताया गया कि कर्ज माफी अल्पकालीन फसल ऋ ण पर ही प्रदान की जाना है। कर्ज माफी के लिये राज्य शासन द्वारा देय राशि डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर (डीबीटी) से किसान के ऋण खाते में जमा की जायेगी। योजना का लाभ प्राप्त करने के लिये आधार कार्ड की ऋ ण खाते में सीडिंग अनिवार्य होगा। पहले चरण में लघु सीमांत किसान तथा सहकारी बैंकों के करंट आउट स्टेंडिंग लोन के भुगतान पर विचार किया जायेगा। योजना में कालातीत ऋण, जो योजना मापदण्डों में पात्र पाए गए हैं, उस राशि को बैंकों से वन टाइम सेटलमेंट करने के बाद कार्यवाही की जाएगी। बैठक में जानकारी दी गई कि एक अप्रैल, 2007 या उसके बाद लिये गये ऋण जो 31 मार्च, 2018 को कालातीत घोषित किये गये हों, उनको योजना में शामिल किया जायेगा। प्रदेश में 26 जनवरी, 2019 की ग्रामसभा में योजना की पात्रता सूचियां प्रस्तुत की जायेंगी।
प्रजेन्टेशन में बताया गया कि कृषि ऋ ण माफी योजना के लिये मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में सक्षम साधिकार समिति का गठन किया जायेगा। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में क्रियान्वयन समिति गठित की जा चुकी है। जिला स्तर पर प्रभारी मंत्री की अध्यक्षता में जिला स्तरीय क्रियान्वयन समिति का गठन किया जायेगा। किसानों को ऋण मुक्ति प्रमाण-पत्र और सम्मान-पत्र सार्वजनिक कार्यक्रमों में वितरित किये जाएंंगे।
इनको नहीं मिलेगा कर्ज माफी का लाभ
कृषि विभाग के प्रमुख सचिव राजेश राजौरा ने बताया कि कर्ज माफी का लाभ आयकरदाता, शासकीय कर्मचारी/अधिकारी, मौजूदा व पूर्व विधायक, सांसद जिनके नाम पर कृषि भूमि है, उन्हें कर्ज माफी का लाभ नहीं दिया जाएगा। राजेश राजौरा ने बताया कि किसानों के आधार को बैंक खातों से लिंक करके वास्तविक किसानों का चयन किया जाएगा, इसी के आधार पर पारदर्शिता के साथ 2 लाख रूपये तक की कर्ज माफी की जाएगी। उन्होंने बताया कि फरवरी आदेश होने के बाद फरवरी माह तक किसानों को बैंक द्वारा एनओसी जारी कर दी जाएगी।