जनवरी में यूरिया का कोटा बढ़कर हुआ 2.52 लाख मैट्रिक टन

मुख्यमंत्री की उर्वरक मंत्री से चर्चा का असर
भोपाल, 28 दिसम्बर। मुख्यमंत्री कमलनाथ के केन्द्रीय उर्वरक मंत्री से चर्चा का प्रभावी परिणाम सामने आया है। प्रमुख सचिव कृषि विकास एवं किसान-कल्याण डॉ. राजेश राजौरा ने बताया कि केन्द्र सरकार ने प्रदेश में रबी सीजन के दौरान किसानों को उनकी जरूरत के अनुसार यूरिया उपलब्ध करवाने के लिये जनवरी माह का कोटा बढ़ाकर 2.52 लाख मी. टन कर दिया है। साथ ही यूरिया ट्रांजिट के लिये रैक की उपलब्धता भी बढ़ी है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री कमल नाथ ने इस संबंध में सीधे केन्द्रीय उर्वरक मंत्री और केन्द्रीय रेल मंत्री से चर्चा की थी।
कलेक्टर्स के साथ 29 दिसम्बर को वीडियो कॉन्फ्रेंस: मुख्यमंत्री कमलनाथ के निर्देश पर दिनांक 29 दिसम्बर को सुबह 11 बजे मंत्रालय में कृषि विकास और किसान-कल्याण तथा सहकारिता विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा जिला कलेक्टर्स के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की जायेगी। वीडियो कॉन्फ्रेंस में किसानों को उर्वरक की सुलभता, उपलब्ध यूरिया सहित अन्य उर्वरकों का किसानों को वितरण आदि पर प्रमुखता से चर्चा कर आवश्यक निर्देश दिये जाएंगे।
मध्यप्रदेश को जनवरी माह में पूर्व में यूरिया का कोटा एक लाख 75 हजार मीट्रिक टन आवंटित किया गया था। कोटा बढ़ाये जाने के संबंध में मुख्यमंत्री कमल नाथ ने पिछले दिनों केन्द्रीय उर्वरक एवं रसायन मंत्री सदानंद गौड़ा से फोन पर चर्चा की थी। जनवरी माह में 2 लाख 14 हजार मीट्रिक टन यूरिया देश में निर्मित प्लांट से आयेगा, जबकि 38 हजार मीट्रिक टन देश के बंदरगाहों से आयेगा। किसानों को लगातार यूरिया मिलता रहे, इसके लिये किसान-कल्याण एवं कृषि विकास विभाग ने केन्द्र से प्लांट से यूरिया की आपूर्ति किये जाने का अनुरोध किया था। राज्य सरकार के इस अनुरोध पर ही केन्द्र सरकार ने प्लांट से यूरिया की आपूर्ति के कोटे को बढ़ाया है। प्रदेश को दिसम्बर माह में 3 लाख 70 हजार मीट्रिक टन यूरिया आवंटित किया गया है। इसमें से करीब 3.05 लाख मीट्रिक टन यूरिया आ चुका है। शेष 0.45 लाख मी. टन यूरिया ट्रांजिट में है। प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से प्रतिदिन यूरिया की 10 रेक्स आ रही हैं।
प्रमुख सचिव कृषि विकास एवं किसान-कल्याण डॉ. राजेश राजौरा ने बताया कि प्रदेश को मिल रहे यूरिया को व्यवस्थित तरीके से वितरण और इस पर लगातार नजर रखने के निर्देश जिला कलेक्टर्स को दिये गये हैं।