सबसे पूछा 2019 लोकसभा कैसे जीतोगे: कमलनाथ

मुख्यमंत्री ने पहली बार ली मंत्रालय में संगठन की बैठक और

प्रशासनिक संवाददाता
भोपाल, 29 दिसंबर। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ ने यह फैसला कर लिया है कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के 2019 में यूपीए की सरकार बनाने के लक्ष्य को हर हालत में पूरा करना है। किसी भी मुख्यमंत्री द्वारा पहली बार ऐसा हुआ है कि सरकार बनने के बाद संगठन के पदाधिकारियों की बैठक मंत्रालय में ली गई हो। सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री ने प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष दिग्विजय सिंह, सुरेश पचौरी, कांतिलाल भूरिया, अरूण यादव तथा कार्यकारी अध्यक्ष जीतू पटवारी एवं रामनिवास रावत सचिव संजय कपूर और सुधांशु त्रिपाठी तथा प्रदेश कांग्रेस के प्रशासनिक मुखिया चंद्रभाष शेखर एवं नेता प्रतिपक्ष रह चुके अजय सिंह के साथ आज एक लंबी बातचीत की है। इस बैठक की अध्यक्षता स्वयं कमलनाथ ने की और कहा कि संगठन के सभी महत्वपूर्ण नेताओं को मैंने इसलिए आमंत्रित किया है कि आज हम तय करें कि लोकसभा चुनाव 2019 मई में होने वाला है, अधिक से अधिक संसदीय क्षेत्रों में जीत हासिल करने के लिए हमें क्या करना होगा। सूत्रों के अनुसार सभी नेताओं ने एकमत से यह राय जारी की है कि लोकसभा चुनाव के पहले हमें सुनिश्चित करना होगा कि वचन पत्र में जनता के सामने हमने जितने वायदे किए हैं, उसके क्रियान्वयन की शुरुआत पूरी ईमानदारी से हो। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सबको भरोसा जताते हुए कहा है कि उन्होंने सभी शीर्ष नौकरशाहों को और सभी जिला कलेक्टरों को एवं सभी संभाग आयुक्तों को निर्देश दिए हैं कि वचन पत्र में जितने भी बिन्दु हैं, उनके हिसाब से ब्ल्यू पिं्रट तैयार किया जाए और वचन पत्र के अनुसार जनता के सामने परिणाममूलक कार्रवाई प्रस्तुत की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा में शिवराज सरकार के खिलाफ नाराजगी जमीन के ऊपर थी, लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के खिलाफ जो गुस्सा था, वह जमीन के नीचे था। इसलिए मालवा निमाड़, ग्वालियर संभाग में कांग्रेस को जनता ने हाथों-हाथ लिया, लेकिन हम विन्ध्य में क्यों पिछड़ गए, इसका विश्लेषण करना ही होगा। सूत्र बताते हैं कि ग्रामीण अंचलों में विन्ध्य में कांग्रेस पिछड़ी है, इसलिए वहां के एकमात्र मंत्री कमलेश्वर पटेल को पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की जिम्मेदारी भी सौंपी गयी है, ताकि वह स्वयं भी मंत्री के रूप में विन्ध्य के ग्रामीण अंचलों में कांग्रेस के खिलाफ किस कारण से माहौल बना है, इसका पता लगा लें। बताया जाता है कि मुख्यमंत्री ने विन्ध्य में हार के कारण अजय सिंह की निराशा को भी महसूस किया है और कहा है कि उन गलतियों को सुधारा जाए, जिसके कारण हम विन्ध्य में पिछड़ गए। कुल मिलाकर संगठन की बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सभी गुटों के नेताओं को विश्वास में लेकर कुछ बेहतर करने का फैसला किया है, हालांकि आज की उपरोक्त बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के द्वारा दिए गए महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाने के चक्कर में चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष ज्योतिरादित्य सिंधिया नहीं पहुंच पाए।