जनता द्वारा कार्यों के मूल्यांकन को ही सही माना जायेगा : कमलनाथ

मुख्यमंत्री ने छिन्दवाड़ा में अधिकारियों की बैठक ली

राष्ट्रीय हिन्दी मेल नेटवर्क
छिंदवाड़ा/भोपाल, 31 दिसंबर। मुख्यमंत्री कमल नाथ ने कहा है कि सरकारी विभागों और अधिकारियों के कार्य के जनता द्वारा किये गये मूल्यांकन को सही माना जायेगा। यदि जनता कहती है कि अच्छा कार्य हो रहा है, तो राज्य सरकार भी अच्छा मानेगी। अगर जनता ने कहा कार्य नहीं हो रहा है अथवा अपेक्षानुसार नहीं है, तो राज्य सरकार भी जनता की राय को ही मानेगी। मुख्यमंत्री आज छिंदवाड़ा संभाग के अधिकारियों की बैठक को संबोधित कर थे।
मुख्यमंत्री नाथ ने कहा कि योजना और सरकार के निर्णय के मैदानी स्तर पर क्रियान्वयन की व्यवस्था को सुदृड़ बनाया जाये। योजना का शत-प्रतिशत वास्तविक लाभ आम जनता को मिले। नीतियाँ और योजनाएँ गरीब, कमजोर वर्गों और अनुसूचित जाति-जनजाति वर्गों के विकास और हित संरक्षण को केंद्र में रखकर तैयार कर प्रभावी ढंग से क्रियान्वित की जायें। मुख्यमंत्री ने कहा कि नियम, नीति बदलने से ज्यादा फायदा नहीं होता। सोच और विचारों को वर्तमान आवश्यकता और तेज गति से हो रहे परिवर्तन के अनुसार बदलने तथा आत्मसात करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि नई सोच, दृष्टिकोण और जागरूकता के साथ कार्य करने की जरूरत को समझा जाये। आज नयी तकनीक और इंटरनेट का जमाना है। लोगों में जागरूकता है। इन सबको ध्यान में रखकर अधिकारी कार्य को बेहतर बनाने के लिये विचार करें तथा सुझाव दें। राज्य सरकार तक यह सुझाव पहुँचाये कि क्या परिवर्तन लाया जा सकता है। मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने कहा कि गरीब और कमजोर व्यक्ति को राज्य सरकार का संरक्षण और सपोर्ट मिलना चाहिये और उन्हें यह महसूस भी होना चाहिये। उनके कल्याण के लिये नियमों को शिथिल करने पर भी विचार किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि जो नियम-कायदे, परम्पराएँ बहुत लंबे समय से चले आ रहे हैं, वे ही सही हैं, यह मानना आज के समय में सही नहीं माना जा सकता। इन्हें जागरूकता और सही सोच के साथ परखा जाना चाहिये। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों/ कर्मचारियों से कहा कि वे अपनी शासकीय सेवा का सम्मान करें और स्वयं को जनता की नजर में सम्मानित बनायें। अपनी शासकीय सेवा को जनता के सेवक की दृष्टि से देखें। उन्होंने कहा कि शासकीय सेवक विकास और जन-कल्याण के माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारी विधायकों और जन-प्रतिनिधियों के साथ मिल कर जन-सुनवाई करें। जनता की समस्याओं को सुलझायें। यदि किसी समस्या का निराकरण उनके स्तर पर संभव नहीं है तो विधायकों का सहयोग लें। मुख्यमंत्री श्री कमलनाथ ने कहा कि मैं जन-प्रतिनिधि हूँ और जन-प्रतिनिधि के दायित्व को शत-प्रतिशत निभाऊंगा। उन्होंने कहा कि मुझे विश्वास है अधिकारी नये नजरिये, लगन और उत्साह से जन-सेवा के लिये तत्पर रहेंगे। प्रशासन और सेवा के स्तर को उत्कृष्ट बनायेंगे। मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने बैठक में छिंदवाड़ा जिले में हो रहे विकास कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि अधिकारी ऐसा उत्कृष्ट कार्य करें, कि छिंदवाड़ा जिला विकास उदाहरण बन जाये। उन्होंने कहा कि छिंदवाड़ा की अलग पहचान यहाँ की नई सकारात्मक, रचनात्मक सोच, नजरिये, दृष्टिकोण और जागरूकता की वजह से है। इसे कायम रखकर आगे बड़ें। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि चिरौंजी, हर्रा आदि वनोपजों का लाभ वनवासियों, आदिवासियों को मिले। खनिज विकास मद की राशि का पूरा-पूरा सदुपयोग सुनिश्चित किया जाये। ऐसी शासकीय भूमि और भवनों का जो वर्षो से अनुपयोगी रही है, उनका उपयोग गरीब, कमजोर वर्गों के लिये जनहित में किया जाये। उन्होंने कहा कि डब्ल्यू.सी.एल. (वेस्टर्न कोल फील्ड लिमिटेड) की अनेक खदानें वर्षो से बंद हो चुकी हैं। इन खदानों की भूमि राज्य सरकार द्वारा लीज पर दी गई है। ऐसी भूमि का सदुपयोग हो सकता है। इस भूमि के उपयोग से उद्योग और खेती को बड़ाने की योजनाओं को लाया जा सकता है और रोजगार के अवसर बढ़ाये जा सकते हैं।
वचन पत्र के अनुसार छिंदवाड़ा में विकास को गति दें: मुख्यमंत्री ने कहा कि छिंदवाड़ा जिले में सिंचाई सुविधा का विस्तार किया जाये। जहाँ एक ओर उपलब्ध सिंचाई जलाशयों की पूरी क्षमता का उपयोग हो, वहीं दूसरी ओर मिनी और माइक्रो सिंचाई सुविधाओं का विस्तार किया जाये। अमरवाड़ा, हर्रई और तामिया क्षेत्रों में प्राथमिकता से ध्यान देकर सिंचाई सुविधाएँ बढ़ाई जायें। सिंचाई सुविधाएँ बढ़ाने के प्रयासों में लोगों को विस्थापन की पीड़ा नहीं झेलना पड़े और न ही वन भूमि नष्ट होने पाये, इस बात का विशेष ध्यान रखा जाये। उन्होंने कहा कि सभी विभाग अगले 15 दिनों में विधायकों के साथ उनके मार्गदर्शन में ऐसी कार्य-योजना बनायें, जो सही और न्यायपूर्ण हो। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में कृषि उत्पादन बड़ा है। इस बड़े कृषि उत्पाद का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जाये। छिन्दवाड़ा में हाईवे और अन्य सड़कों के निर्माण से बड़ी धनराशि का निवेश यहाँ हुआ है, जिससे आर्थिक गतिविधियाँ बड़ी हैं और लोगों की क्रय शक्ति बड़ी है। कमल नाथ ने कहा कि गौ-शालाओं का निर्माण हो तथा इसमें ग्राम पंचायत और ग्रामीणों का सक्रिय सहयोग लिया जाये। उन्होंने कहा कि वचन पत्र के अनुसार छिन्दवाड़ा में विकास को गति दी जाये। छिंदवाड़ा कलेक्टर डॉ.श्रीनिवास शर्मा ने बैठक में मुख्यमंत्री को जिले में दु्रत गति से चल रहे विकास कार्यों और जन-कल्याणकारी योजनाओं तथा कार्य-योजनाओं से अवगत कराया। बैठक में विधायक सर्वश्री दीपक सक्सेना, सोहनलाल वाल्मिकी, सुनील उईके और निलेश उईके, संभागायुक्त आशुतोष अवस्थी, पुलिस महानिदेशक अनंत कुमार सिंह और समस्त जिला अधिकारी मौजूद थे।

पुलिस अधिकारी अपनी वर्दी की इज्जत बनाये रखें

मुख्यमंत्री कमल नाथ ने कहा है कि हमारा देश विविधताओं का देश है। इसकी खूबसूरती यही है कि भिन्न-भिन्न वेशभूषा, भाषा, रस्मो-रिवाज के लोग देश के झंडे के नीचे एकता के साथ रहते हैं। यह एक बड़ी चुनौती है। यह तभी संभव हो पाता है, जब देश की विविध संस्थागत इकाईयों में एकता रहे। इन इकाईयों में एकता लाने और इन्हें मजबूत रखने का दायित्व पुलिस का है। उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारी अपनी वर्दी की इज्जत बनाये रखें। मुख्यमंत्री आज छिंदवाड़ा में पुलिस विभाग के विभिन्न निर्माण कार्यो के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने म.प्र. पुलिस आवास एवं अधोसंरचना विकास निगम के माध्यम से नव-निर्मित प्रशासकीय भवन रक्षित केंद्र, सी.सी.टी.व्ही. नियंत्रण कक्ष और आठवीं वाहिनी विशेष सशस्त्र बल के प्रशासकीय-सह-प्रशिक्षण भवन का लोकार्पण और नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग के माध्यम से छिंदवाड़ा जिले में पुलिस विभाग के 7 भवनों में 115 किलोवाट क्षमता के 69 लाख रूपये लागत के रूफ टॉप सोलर पावर प्लांट संयंत्रों की स्थापना का भूमिपूजन किया।
पुलिस की वेबसाइट सिटीजन को-एप लाँच: मुख्यमंत्री नाथ ने कहा कि जमाना नई तकनीकी का है। परिवर्तन का दौर है। देश की पुलिस को भी नई-नई टेक्नोलॉजी अपनानी होगी। उसमें सक्षम बनना होगा। पुलिस विभाग की पूरी शक्ति नवीन टेक्नोलॉजी पर निर्भर है। उन्होंने कहा कि नियमों, कानूनों का उपयोग गरीबों और कमजोर वर्गो के लिये किस तरह हो सकता है, यह देखना पुलिस की जिम्मेदारी है। पुलिस समाज की रक्षक बने, समाज सेवक बने, यही पुलिस का परम कर्तव्य है। श्री नाथ ने कहा कि पुलिस विभाग बहुत महत्वपूर्ण है। आवश्यकता है कि विभाग का मनोबल बना रहे। उन्होंने पुलिस विभाग द्वारा तैयार की गई वेबसाईट सिटीजन को-एप को लाँच किया। इस एप से आम जनता की पुलिस से सीधी भागीदारी हो सकेगी और महिला सुरक्षा, चोरी की वारदातें, सड़क दुर्घटनाओं आदि पर पुलिस पहले की तुलना में ज्यादा त्वरित गति से काम कर सकेगी।
पुलिस कर्मियों के मेधावी बच्चे पुरस्कृत: मुख्यमंत्री ने म.प्र. पुलिस आवास एवं अधोसंरचना विकास निगम की ओर से पुलिस विभाग के कर्मचारियों के मेघावी विद्यार्थियों सुश्री आरूषि उसरेठे, राहुल तिवारी, सुश्री सोनाली डहेरिया, सुश्री कामाक्षा वर्मा, अभिषेक सनोडिय़ा, आयुष बघेल, सुश्री ओशीन डोंगरे और सुश्री दीपा मरकाम को 25-25 हजार रूपये की राशि के चेक और प्रमाण पत्र प्रदान किये। साथ ही आठवीं वाहिनी विशेष सशस्त्र बल के नव-निर्मित अस्पताल के लिये इलेक्ट्रॉनिक ई.सी.जी.मशीन प्रदान की। म.प्र. पुलिस आवास एवं अधोसंरचना विकास निगम के अध्यक्ष एवं पुलिस महानिदेशक व्ही.के. सिन्हा ने इस मौके पर निगम और पुलिस विभाग के कार्यो और उपलब्धियों की जानकारी दी। प्रबंध संचालक श्री संजय राणा ने मुख्यमंत्री को स्मृति चिन्ह भेंट किया। कार्यक्रम में विधायक सर्वश्री दीपक सक्सेना, सोहनलाल वाल्मिकी, सुनील उईके और निलेश उईके, संभागायुक्त श्री आशुतोष अवस्थी, पुलिस महानिदेशक श्री अनंत कुमार सिंह एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।